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यह पूरा मामला खरगोन से महज 5 किलोमीटर दूर डाबरिया रोड़ का है, जहां बुधवार की दोपहर झाड़ियों में सैकड़ों आधार कार्ड बिखरे हुए दिखाई दिए. राहगीरों ने जब ये नजारा देखा तो किसी को विश्वास ही नहीं हुआ. कई कार्ड अब भी सील पैक थे, कुछ बच्चे खेल-खेल में उठा ले गए.
खरगोन. मध्य प्रदेश के खरगोन से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जिसने भारतीय डाक विभाग (पोस्ट ऑफिस) की घोर लापरवाही को भी उजागर कर दिया है. पंजीयन के बाद जिन आधार कार्डों का लोगों को महीनों से इंतजार था, वह आधार कार्ड डाकिया के जरिए उन तक न पहुंचते हुए कचरे की तरह झाड़ियों में पड़े मिले. सैकड़ों की संख्या में सिल पैक आधार कार्डों के बंडल देख लोग भी दंग रह गए. तो वहीं, डाक विभाग सवालों के घेरे में आ गया. फिलहाल, सूचना मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश दिए है.
यह पूरा मामला खरगोन से महज 5 किलोमीटर दूर डाबरिया रोड़ का है, जहां बुधवार की दोपहर झाड़ियों में सैकड़ों आधार कार्ड बिखरे हुए दिखाई दिए. राहगीरों ने जब ये नजारा देखा तो किसी को विश्वास ही नहीं हुआ. कई कार्ड अब भी सील पैक थे, कुछ बच्चे खेल-खेल में उठा ले गए. ये सभी कार्ड संजय नगर और राजेंद्र नगर इलाके के लोगों के बताए जा रहे हैं.
232 आधार कार्ड बिखरे मिले
क्षेत्र के विनोद गोले ने जब इसकी सूचना एसडीएम वीरेंद्र कटारे को दी तो प्रशासन हरकत में आया. मौके पर पटवारी भेजकर पंचनामा बनवाया गया और 232 आधार कार्ड जब्त कर तहसीलदार के पास रखवाए गए. बताया गया कि कार्डों का यह पूरा बंडल डाक विभाग के जरिए घर-घर बांटा जाना था, लेकिन किसी ने इन्हें कचरे में फेंक दिया.
डीएम ने जांच के निर्देश दिए एडीएम रेखा रावत ने बताया कि, सूचना मिलने पर डीएम भव्या मित्तल ने ई-गवर्नेंस ऑफिसर को जांच के निर्देश दिए हैं. एसडीएम वीरेंद्र कटारे ने बताया की, अब यह पता लगाया जा रहा है कि कार्ड किस शाखा से जारी हुए और किन डाक कर्मियों की जिम्मेदारी थी. प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होते ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो
वहीं शिकायतकर्ता विनोद गोले का कहना है, यह सिर्फ लापरवाही नहीं, लोगों की पहचान से खिलवाड़ है. आधार कार्ड खुले में पड़े मिलना गंभीर मामला है, इससे डेटा के गलत इस्तेमाल का खतरा बढ़ जाता है. वहीं, स्थानीय लोग अब प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह… और पढ़ें
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