Women Major Health Problems: महिलाओं के ऊपर जिम्मेदारियों का ज्यादा बोझ होता है. घर का कामकाज और ऑफिस का दबाव महिलाओं की सेहत बिगाड़ देता है. फैमिली को खुश रखने के चक्कर में महिलाएं अक्सर अपनी केयर नहीं कर पाती हैं. हालांकि महिलाओं को भी अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि कुछ बीमारियों का खतरा महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा रहता है. हार्मोनल बदलाव, लाइफस्टाइल, तनाव और पोषण की कमी इसकी बड़ी वजह मानी जाती है. अगर समय रहते इन बीमारियों से बचने के उपाय किए जाएं, तो महिलाओं की जिंदगी को स्वस्थ और खुशहाल बनाया जा सकता है.
महिलाओं को इन 5 प्रॉब्लम्स का रिस्क ज्यादा
थायरॉइड : महिलाओं में थायरॉइड से जुड़ी दिक्कतें ज्यादा देखने को मिलती हैं, जो वजन बढ़ने या घटने, बाल झड़ने और मूड स्विंग्स का कारण बनती हैं. हार्मोनल असंतुलन इसकी मुख्य वजह मानी जाती है. थायरॉइड की नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह से समय पर इलाज करने से इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है.
ऑस्टियोपोरोसिस : यह हड्डियों की सबसे गंभीर बीमारी है, जिसमें हड्डियां कमजोर हो जाती हैं. इस बीमारी का खतरा महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा होता है. खासतौर से 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं में कैल्शियम की कमी से यह खतरा बढ़ जाता है. इससे हड्डियां जल्दी टूटने लगती हैं और शरीर कमजोर हो जाता है. दूध, दही, पनीर और धूप से मिलने वाला विटामिन D हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है.
ब्रेस्ट कैंसर : ब्रेस्ट कैंसर पुरुषों को भी हो सकता है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं होती हैं. ब्रेस्ट कैंसर के कारण हर साल हजारों महिलाएं जान गंवा देती हैं. कैंसर सुनने में डरावना लगता है, लेकिन शुरुआती जांच और जागरुकता से इसका इलाज संभव है. इस घातक बीमारी से बचने के लिए नियमित सेल्फ-एग्जामिनेशन और समय-समय पर मेडिकल चेकअप करवाना बेहद जरूरी है.
डिप्रेशन और एंजायटी : आपको जानकर हैरानी होगी कि एंजायटी और डिप्रेशन का खतरा भी महिलाओं को ज्यादा होता है. अत्यधिक मानसिक तनाव, हार्मोनल बदलाव और सामाजिक दबाव के कारण महिलाएं मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हो सकती हैं. अपनी भावनाएं साझा करना, पर्याप्त नींद, व्यायाम और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेने से इन बीमारियों से बचाव किया जा सकता है.