Yoga For Flexibility: उठने-बैठने में हो रही है दिक्कत? 4 योगासन से बनाएं पैरों, कमर को लचीला और मजबूत

Yoga For Flexibility: कभी ध्यान दिया है कि कुछ लोग बिना किसी सहारे के आसानी से उठ-बैठ जाते हैं, जबकि कई लोगों को जमीन से उठने में मुश्किल होती है? अगर हां, तो समझिए कि आपके शरीर में लचीलापन (Flexibility) कम हो रहा है, ये सिर्फ उम्र का असर नहीं होता, बल्कि रोजमर्रा की गलत आदतें भी इसके लिए जिम्मेदार होती हैं. घंटों एक ही जगह बैठे रहना, स्ट्रेचिंग न करना, पानी कम पीना और एक्सरसाइज को नज़रअंदाज़ करना शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों को जकड़ देता है. खासकर महिलाओं में ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि घर और ऑफिस के काम के बीच वो अपने शरीर की देखभाल को अक्सर पीछे छोड़ देती हैं. ऐसे में योगासन शरीर में फिर से जान डालने का काम करते हैं, ये न केवल दर्द को कम करते हैं, बल्कि मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाते हैं. योग में कुछ आसान से आसन ऐसे हैं जो निचले हिस्से यानी पैरों, कूल्हों और कमर की जकड़न को दूर करके शरीर को एक्टिव बनाते हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसे असरदार योगासन, जो जमीन पर बैठने और बिना सहारे उठने की ताकत वापस दिला सकते हैं.

क्यों होती है जमीन पर बैठकर उठने में परेशानी
योग एक्सपर्ट पल्लवी राजपूत बताती हैं कि इस परेशानी की सबसे बड़ी वजह है शरीर में बढ़ती स्टिफनेस यानी अकड़न. लंबे समय तक एक ही पोश्चर में बैठना, गलत खानपान और एक्सरसाइज की कमी मांसपेशियों को कमजोर कर देती है. डिहाइड्रेशन, पुरानी चोट या ज्यादा मेहनत वाली गतिविधि से मसल्स में खिंचाव बढ़ जाता है, अगर समय रहते इसे ठीक न किया जाए, तो शरीर धीरे-धीरे लचीलापन खोने लगता है. ऐसे में कुछ खास योगासन मददगार साबित होते हैं, जो शरीर को फिर से हल्का और चुस्त बना देते हैं.

पैरों की मजबूती और लचीलापन बढ़ाने वाले 4 असरदार योगासन
1. नौकासन (Boat Pose)
यह आसन शरीर और मन दोनों को संतुलित रखता है. इससे पेट, कमर और पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और इम्यून सिस्टम को भी फायदा मिलता है.

कैसे करें:
मैट पर सीधे बैठें. दोनों टांगें सामने की ओर सीधी रखें और हाथों को सीधा करें. अब धीरे-धीरे टांगों को ऊपर उठाएं और हाथों को आगे की ओर फैलाएं ताकि शरीर “V” आकार में दिखे. इस मुद्रा में 30 सेकंड रहें और फिर शरीर को ढीला छोड़ दें.

2. फलकासन (Plank Pose)
अगर आपको बिना सहारे उठने में परेशानी है, तो प्लैंक पोज़ जरूर करें. यह कंधे, पेट और पैरों की मांसपेशियों को मजबूती देता है.

कैसे करें:
दोनों हथेलियों को जमीन पर रखें और पैरों की उंगलियों के सहारे शरीर को ऊपर उठाएं. ध्यान रहे कि सिर से लेकर एड़ी तक शरीर एक सीध में हो. गहरी सांस लेते हुए 30 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें, फिर धीरे से सामान्य अवस्था में आ जाएं.

3. शिशुपालनासन (Baby Cradle Pose)
यह आसन खास तौर पर पेल्विक एरिया को मजबूत करता है और लोअर बॉडी में लचीलापन बढ़ाता है.

कैसे करें:
मैट पर बैठकर पीठ सीधी करें. दाईं टांग को मोड़कर उसे छाती के पास लाएं और दोनों हाथों से जकड़ लें. अब शरीर को दाईं से बाईं ओर हल्के-हल्के झुलाएं जैसे बच्चे को झुलाते हैं. यह प्रक्रिया 30 सेकंड से 1 मिनट तक करें.

4. उपविष्ट कोणासन (Wide Angle Seated Forward Bend)
यह आसन जांघों और कूल्हों की मांसपेशियों को खींचता है, जिससे नीचे के हिस्से में खिंचाव कम होता है और शरीर लचीला बनता है.

कैसे करें:
मैट पर बैठें और दोनों पैरों को जितना हो सके उतना फैलाएं. अब हाथों को आगे बढ़ाते हुए सिर को नीचे झुकाएं और कोशिश करें कि चेहरा मैट को छू ले. धीरे-धीरे सांस लें और 30 सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें.

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