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Khandwa unique cow shelter: गौशाला प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में इसे और बड़ा करने की योजना है. यदि विस्तार कार्य पूरा हो जाता है, तो यहां करीब 2000 गायों के रहने की व्यवस्था हो सकेगी. साथ ही प्रशासन से भी मांग की गई है कि आवारा घूमने वाली गायों को यहां शिफ्ट किया जाए. जिससे सड़क पर हो रही परेशानियों से आम लोगों को राहत मिले और गायों को भी सुरक्षित व व्यवस्थित स्थान मिल सके.
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक ऐसी अनोखी गौशाला है. जहां ठंड के मौसम में गायों को भूसा या चारा नहीं, बल्कि ताजगी भरी हरी सब्जियां खिलाई जाती है. हम बात कर रहे है खंडवा शहर की श्री गणेश गौशाला की. जहां करीब 400 से ज्यादा गायों की देखभाल की जाती है. इस गौशाला में रोजाना सैकड़ों किलो सब्जियां गायों के आहार में शामिल की जाती है.
LOCAL 18 से बातचीत में गौशाला प्रबंधन से जुड़े रामचंद्र मौर्य बताते है कि गायों को सब्जियां खिलाने के पीछे उनकी सेहत का ख्याल है. अलग-अलग सब्जियों में विभिन्न पोषक तत्व होते है. किसी सब्जी में ग्लूकोज अधिक होता है. किसी में प्रोटीन और विटामिन. इससे गायों को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है. उनका पाचन तंत्र ठीक रहता है और वे स्वस्थ रहती है. खासकर ठंड और गर्मी के मौसम में सब्जियां गायों के लिए बेहद लाभकारी होती है और कोई नुकसान नहीं करती.
रामचंद्र मौर्य बताते हैं कि सब्जियां कई तरीकों से गौशाला तक पहुंचती है. कभी सब्जी मंडी से कम दामों में खरीदी जाती है तो कभी किसान और व्यापारी दान में सब्जियां दे जाते है. इसके अलावा आम लोग भी गौसेवा के लिए सब्जियां, फल और चारा उपलब्ध कराते है. इसी सहयोग से यहां गायों को रोज अलग-अलग प्रकार की सब्जियां खिलाई जाती है. जिससे उनके शरीर में किसी भी पोषक तत्व की कमी नहीं रहती. श्री गणेश गौशाला की क्षमता करीब 230 गायों की है. लेकिन वर्तमान में यहां 400 से ज्यादा गायें मौजूद है. यह गौशाला करीब 16 एकड़ भूमि में बनी हुई है और इसका निर्माण वर्ष 1925 में हुआ था. साल 2025 में इस गौशाला को 100 साल पूरे होने जा रहे है. इसका रजिस्ट्रेशन वर्ष 1936 का बताया जाता है.
गौशाला प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में इसे और बड़ा करने की योजना है. यदि विस्तार कार्य पूरा हो जाता है, तो यहां करीब 2000 गायों के रहने की व्यवस्था हो सकेगी. साथ ही प्रशासन से भी मांग की गई है कि आवारा घूमने वाली गायों को यहां शिफ्ट किया जाए. जिससे सड़क पर हो रही परेशानियों से आम लोगों को राहत मिले और गायों को भी सुरक्षित व व्यवस्थित स्थान मिल सके.
शहर के बीचों-बीच बनी इस गौशाला में गायों को खुला घूमने की आजादी है और उनकी सेवा एकदम वीआईपी अंदाज में की जाती है. ठंड के मौसम में हरी सब्जियों से की जा रही यह सेवा अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है.
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