हर समय थकान-अनियमित धड़कन, पोटैशियम की कमी के लक्षण, तुरंत करें ये उपाय

Which Food Is Highest In Potassium: पोटैशियम की कमी ही शरीर का असली दुश्मन है. इसे ‘इलेक्ट्रोलाइट का राजा’ कहा जाता है क्योंकि यह दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर, नसों की कार्यक्षमता और मांसपेशियों की ताकत को सीधे कंट्रोल करता है. पोटैशियम शरीर के हर सेल के अंदर मौजूद प्रमुख मिनरल है.

यह दिल को स्थिर रखता है, नर्व सिग्नल सही भेजता है, मांसपेशियों में ऐंठन रोकता है और पानी-सोडियम का बैलेंस बनाए रखता है. ऐसे में पोटैशियम की कमी होने पर थकान, मांसपेशियों में झटके, कब्ज, सिरदर्द, चक्कर और गंभीर स्थिति में दिल की बीमारियां तक हो सकती हैं.

क्यों होती है पोटैशियम की कमी
शरीर में पोटैशियम की कमी के मुख्य कारण ज्यादा नमक वाली डाइट, फास्ट फूड, कम पानी पीना, ज्यादा चाय-कॉफी, उल्टी-दस्त और कुछ दवाइयां जैसे ब्लड प्रेशर की गोली लेना आदि हैं.

पोटैशियम की कितनी खुराक जरूरी?
साइंस बताता है कि एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 3,500 से 4,700 मिलीग्राम पोटैशियम की जरूरत होती है, जो आसानी से साधारण भोजन से पूरी की जा सकती है.

कैसे करें पोटैशियम की कमी दूर
पोटैशियम के सबसे बेहतरीन नेचुरल सोर्स में केला, उबला आलू, पालक, नारियल पानी, एवोकाडो, सूखी खुबानी, कद्दू के बीज, राजमा, चुकंदर का रस, टमाटर का रस और संतरा भी शामिल हैं. लेकिन शरीर में पोटैशियम अवशोषण के लिए नमक कम करना, फल-सब्जियां कच्ची या उबालकर खाना, तले फूड अवॉइड करना जरूरी है.

इस बात का ध्यान रखें
सर्दियों में शरीर को ज्यादा गर्मी और एनर्जी चाहिए, इसलिए पोटैशियम की कमी जल्दी महसूस होती है. रोजाना केला, नारियल पानी, पालक की सब्जी या उबला आलू जैसी छोटी-छोटी चीजें खाने से थकान, ऐंठन और कमजोरी दूर हो जाती है.लक्षण ज्यादा हैं तो डॉक्टर से जांच करवाएं और सलाह पर ही भोजन करें.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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