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बुरहानपुर जिले के बोदरली गांव में 400 साल पुरानी हजरत सैयद बोदलशाह वली बाबा दरगाह स्थित है. खास बात यह है कि गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता, फिर भी दरगाह की देखरेख हिंदू समाज के लोग करते हैं. यहां उर्स पर संदल निकलता है और तीन राज्यों से जायरीन जियारत के लिए पहुंचते हैं. यहां पर संतान की मन्नत पूरी होती है.
बुरहानपुर. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एक गांव है, जिसकी कहानी सुन आप सलाम करेंगे. जी हां, बोदरली गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता है, लेकिन यहां की दरगाह की देखरेख हिंदू समाज के लोग करते हैं. यह दरगाह करीब 300 से 400 साल पुरानी बताई जाती है. यहां पर संदल भी निकाला जाता हैं और दूर-दूर से लोग संतान के लिए मन्नत मांगने के लिए पहुंचते हैं. जिनकी मुरादें पूरी हो जाती हैं, वह लोग मलिंदे का प्रसाद चढ़ाते हैं.
लोकल 18 की टीम से क्षेत्र के रमजान तड़वी ने बातचीत में बताया कि बोदरली में हजरत सैयद बोदलशाह वली बाबा की दरगाह मौजूद है. यह कई वर्षों पुरानी दरगाह है. यहां पर मध्य प्रदेश महाराष्ट्र से लोग आते हैं इस दरगाह की खासियत है कि गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता है. यहां पर हिंदू परिवार ही इसकी व्यवस्था संभालते हैं और यहां पर संदल का आयोजन भी होता है.
मलीदे का प्रसाद चढ़ता
उन्होंने आगे बताया कि यहां पर लंगर का आयोजन भी किया जाता है और दूर-दूर से लोग यहां पर जियारत करने के लिए पहुंचते हैं. रमजान का पवित्र महीना चल रहा है. रमजान के महीने में भी लोग यहां पर मन्नत उतारने के लिए आते हैं. जिस भी भक्त की संतान की मन्नत पूरी होती है. वह यहां पर मलीदे का प्रसाद चढ़ाते हैं.
तीन राज्यों से आते हैं जायरीन
इस दरगाह पर तीन राज्यों से जियारत करने जायरीन आते हैं जो यहां पर दुआ करने के लिए पहुंचते हैं. इस गांव के लोग भी साल में एक बार उर्स के अवसर पर संदल निकालते हैं. हिंदू परिवार से चादर जाती है और इस दरगाह पर चढ़ती है और जिले में सुख शांति और समृद्धि की कामना की जाती है. हिंदू परिवार यहां पर सुबह और शाम के समय में दिया और अगरबत्ती लगाने के लिए पहुंचते हैं. गांव में सुख शांति की दुआ करते हैं.
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें
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