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kadoo ki Kheti ke Tips: मध्य प्रदेश में मार्च महीने में कद्दू की खेती किसानों के लिए जबरदस्त मुनाफे का सौदा साबित हो रही है. गर्मियों में बढ़ती मांग के कारण कद्दू की फसल 80 से 90 दिन में तैयार होकर अच्छी कमाई देती है. सही मिट्टी, बीज उपचार और सिंचाई प्रबंधन से किसान 220 से 240 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन ले सकते हैं. कम लागत और ज्यादा उत्पादन इसकी सबसे बड़ी खासियत है. जानिए कद्दू की खेती का सही समय, तरीका और संभावित मुनाफे की पूरी जानकारी.
March Agriculture Tips: मध्य प्रदेश में इन दिनों हरी सब्जियों की खेती तेजी से बढ़ रही है और किसान अच्छा मुनाफा भी कमा रहे हैं. अगर आप भी कम समय में ज्यादा कमाई करना चाहते हैं, तो मार्च का महीना कद्दू की खेती के लिए सबसे बढ़िया माना जाता है. गर्मियों में कद्दू की मांग अचानक बढ़ जाती है. हर घर में इसकी सब्जी बनती है और बाजार में भी इसकी खपत जबरदस्त रहती है. यही वजह है कि यह फसल किसानों के लिए फायदे का सौदा बन रही है.
क्यों फायदेमंद है कद्दू की खेती?
किसान सलाहकार अवनीश पटेल बताते हैं कि मार्च-अप्रैल में कद्दू की बुवाई करने पर महज 80 से 90 दिन में फसल तैयार हो जाती है. यानी तीन महीने में ही कमाई शुरू. लागत भी ज्यादा नहीं आती और उत्पादन अच्छा मिलता है. सही तरीके से खेती की जाए तो किसान अपनी आय दोगुनी तक कर सकते हैं.
बुवाई का सही समय
गर्मी की फसल के लिए मार्च से अप्रैल सबसे सही समय है. बरसात के लिए जून-जुलाई में और कुछ इलाकों में अक्टूबर-नवंबर में भी बुवाई की जाती है. ध्यान रहे कि खेत ऐसी जगह हो जहां भरपूर धूप आती हो, क्योंकि कद्दू की बेल को फैलने और बढ़ने के लिए धूप जरूरी है.
मिट्टी और खेत की तैयारी
दोमट या बलुई दोमट मिट्टी कद्दू के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है. मिट्टी का पीएच 6 से 7.5 के बीच होना चाहिए. बुवाई से पहले खेत की गहरी जुताई करें और उसमें गोबर की सड़ी खाद या कम्पोस्ट मिलाएं. खेत समतल रखें और पानी निकासी के लिए नालियां जरूर बनाएं, ताकि जलभराव न हो.
बीज और दूरी का ध्यान
एक हेक्टेयर के लिए 2 से 2.5 किलो बीज काफी होता है. बीज बोने से पहले फफूंदनाशक दवा से उपचार कर लें. पौधों के बीच करीब 1.5 से 2 मीटर की दूरी रखें, ताकि बेलें अच्छी तरह फैल सकें.
सिंचाई और देखभाल
गर्मी में 6-7 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें. पानी जमा न होने दें. फूल और फल आने के समय खास ध्यान रखें. खरपतवार हटाते रहें और समय-समय पर जैविक खाद दें, इससे उत्पादन बढ़ेगा.
उत्पादन और कमाई
करीब 80 से 90 दिन में फसल तैयार हो जाती है. एक हेक्टेयर से 220 से 240 क्विंटल तक उत्पादन मिल सकता है. अगर बाजार भाव अच्छा मिला तो यह फसल कम समय में मोटी कमाई करा सकती है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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