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Rose Growing Tips: क्या आपका गुलाब का पौधा सिर्फ पत्तियां दे रहा है? देवघर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजन ओझा ने फूलों की संख्या बढ़ाने का रहस्यमयी फॉर्मूला साझा किया है. बोनमील और एप्सम सॉल्ट जैसे विशेष पोषक तत्वों के सही तालमेल और प्रूनिंग की खास तकनीक से आप मुरझाए पौधों में जान फूंक सकते हैं.
देवघर: अगर घर में फूलों की बगिया हो तो वह न सिर्फ देखने में सुंदर लगती है, बल्कि पूरे घर के माहौल को भी खुशनुमा बना देती है. माना जाता है कि फूलों से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. यही वजह है कि ज्यादातर लोग अपने घर या आंगन में फूलों का राजा कहे जाने वाले गुलाब का पौधा लगाना पसंद करते हैं. गुलाब के रंग-बिरंगे फूल हर किसी का मन मोह लेते हैं. लेकिन कई बार लोगों की शिकायत रहती है कि गुलाब का पौधा तो हरा-भरा है, पर उसमें फूल नहीं आते या बहुत छोटे फूल आते हैं.
इस समस्या को लेकर देवघर कृषि विज्ञान केंद्र के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. राजन ओझा ने लोकल 18 से बातचीत में महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि गुलाब की गार्डनिंग हो या खेती, उसकी सही देखभाल करना बेहद जरूरी है. जैसे किसी भी फसल से अच्छा उत्पादन लेने के लिए समय-समय पर खाद और पोषक तत्व दिए जाते हैं, वैसे ही गुलाब के पौधे को भी नियमित पोषण की आवश्यकता होती है.
जैविक खाद्य का करें प्रयोग:
डॉ. ओझा के अनुसार, गुलाब के पौधे में फूल लाने के लिए सबसे पहले उसके डंठल को मजबूत करना जरूरी होता है. जब तक डंठल मजबूत नहीं होगा, तब तक पौधा अच्छे और बड़े फूल नहीं देगा. इसके लिए रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद का प्रयोग करना ज्यादा फायदेमंद होता है. जैविक खाद से पौधे की जड़ें मजबूत होती हैं और मिट्टी की गुणवत्ता भी बनी रहती है. उन्होंने बताया कि गुलाब के पौधे में समय-समय पर नीम की खली, गोबर की खाद, सरसों की खली, बोनमील और एप्सम सॉल्ट डालना चाहिए. ये सभी पोषक तत्व पौधे को अंदर से मजबूत करते हैं और फूल आने की प्रक्रिया को तेज करते हैं. खासतौर पर बोनमील फूलों के आकार और रंग को निखारने में मदद करता है, जबकि एप्सम सॉल्ट पौधे में मैग्नीशियम की कमी को पूरा करता है.
सिंचाई और प्रूनिंग भी जरुरी
अगर आप नियमित रूप से इन जैविक खादों का इस्तेमाल करेंगे, तो खुद देखेंगे कि गुलाब के पौधे में धीरे-धीरे कलियां आनी शुरू हो जाएंगी. इतना ही नहीं, जो छोटे-छोटे फूल आते हैं, उनके आकार में भी बढ़ोतरी होगी और फूल ज्यादा देर तक खिले रहेंगे.इसके साथ ही डॉ. ओझा ने यह भी कहा कि मौसम के अनुसार सिंचाई करना बेहद जरूरी है. ज्यादा पानी या कम पानी, दोनों ही स्थिति में पौधे को नुकसान हो सकता है. गर्मी में हल्की-हल्की सिंचाई करें और सर्दी में जरूरत के अनुसार पानी दें.इसके अलावा समय-समय पर छंटाई (प्रूनिंग) करना भी बहुत जरूरी होता है. पुरानी और सूखी टहनियों को काटने से नई शाखाएं निकलती हैं और फूल ज्यादा आते हैं.
इन बातों का रखें ध्यान:
अगर इन सभी बातों का ध्यान रखा जाए, तो आपका गुलाब का बगिया या खेत कुछ ही समय में हरा-भरा और फूलों से लदा हुआ नजर आएगा, और गुलाब की खुशबू पूरे माहौल को महका देगी.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
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