Last Updated:
Balaghat News: बालाघाट जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. 22 वर्षीय महिला नक्सली सुनीता ने आत्मसमर्पण किया है. वह छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले की रहने वाली है और सीसीएम रामदेर की सुरक्षा गार्ड रह चुकी है. इस सफलता के लिए सीएम मोहन यादव ने बालाघाट पुलिस को बधाई दी है.
बालाघाट. मध्यप्रदेश के नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में सुरक्षा बलों को ऐतिहासिक सफलता मिली है. एक 22 वर्षीय महिला नक्सली सुनीता पिता विसरु ने हथियार डालकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. इस सफलता के लिए रविवार को सीएम मोहन यादव ने बालाघाट पुलिस को बधाई दी है. छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले की मूल निवासी सुनीता, कुख्यात माओवादी कमांडर सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) रामदेर की सुरक्षा गार्ड रह चुकी थी. आत्मसमर्पण की यह महत्वपूर्ण घटना लांजी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पितकोना पुलिस चौकी के चौरिया कैंप में हुई. सूत्रों के हवाले से यह भी खबर है कि रामदेर की टीम के कुछ अन्य सदस्य भी जल्द ही आत्मसमर्पण करने की तैयारी में हैं, जिसकी पुष्टि बालाघाट रेंज के पुलिस महानिरीक्षक संजय कुमार सिंह ने भी की है.
वह इंद्रावती और माड़ क्षेत्रों में संगठन के लिए सक्रिय थी. बाद में वह रामदेर की टीम के साथ MMC (महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़) जोन के संवेदनशील दर्रेकसा इलाके में पहुंची थी. बालाघाट पुलिस ने बताया कि सुनीता संगठन के भीतर एरिया कमेटी मेंबर (ACM) के पद पर सक्रिय थी. उसकी मुख्य जिम्मेदारियों में ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन के लिए नए युवाओं की भर्ती, माओवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करना और क्षेत्र में पुलिस व सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर बारीक निगरानी रखना शामिल था. पुलिस का मानना है कि एक ACM स्तर की सदस्य के संगठन छोड़ने से माओवादी गतिविधियों की रणनीति और सूचना तंत्र पर गंभीर असर पड़ेगा.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट पुलिस को दी बधाई
महिला नक्सली के आत्मसमर्पण पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट पुलिस को इस बड़ी सफलता के लिए बधाई दी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश नक्सल नियंत्रण के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार बीते 10 महीनों में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के इनामी नक्सलियों को निष्क्रिय कर चुकी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए सॉफ्ट टच अप्रोच अपना रही है, ताकि वे मुख्यधारा में लौटकर एक सामान्य जीवन जी सकें.
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प… और पढ़ें
.