MPPSC SET: पेपर पर अभ्यर्थियों की मिलीजुली प्रतिक्रिया, किसी को टफ लगा तो किसी को इजी

Sagar News: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा आयोजित राज्य पात्रता परीक्षा- 2025 का आयोजन किया गया. इसमें सागर के अलग-अलग संस्थानों में 23 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. सख्त चेकिंग होने के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर एंट्री मिली थी. जिले में 8000 से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी है. SET का एग्जाम राज्य की कॉलेज और यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर की एलिजिबिलिटी के लिए होता है, इस एग्जाम को क्लियर करने के बाद अभ्यर्थी और शिक्षक असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पात्र हो जाते हैं.

पात्रता परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली. किसी ने एग्जाम को सरल बताया तो किसी ने इजी टू मॉडरेट तो वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने सेकंड पेपर को टफ और लेंदी बताया, किसी को समय की कमी रह गई. आकांक्षा अहिरवार ने बताया एग्जाम बहुत अच्छा रहा. पेपर भी फर्स्ट हाफ का ज्यादा अच्छा रहा, सेकंड वाला भी अच्छा रहा, मेरा पेपर साइंस रिलेटेड सब्जेक्ट से था. NEP और NTC से रिलेटेड क्वेश्चन आए थे. यह मेरा फर्स्ट अटेम्प्ट है और 1 साल से तैयारी कर रही थी.

नेट की तुलना में इजी था पेपर
वैभव खरे ने बताया, पेपर बहुत ही मॉडरेट लेवल पर था. ऐसा नहीं है कि बहुत टफ आया हो, कुछ ऐसे कॉन्सेप्ट थे जो डायरेक्टली पूछे गए थे. कुछ क्वेश्चन आउट ऑफ बुक्स होते हैं, जिनका पता नहीं होता कि वह कहां से आएंगे. मैं नेट की परीक्षा को टारगेट कर रहा हूं. उसी के हिसाब से जो प्रिपरेशन थी, उसको SET की परीक्षा में देखा है. रवि कुमार ने बताया कि इस एग्जाम को लेकर प्रीवियस पेपर लगाये थे. कुछ ज्यादा समय नहीं दे पाए थे. क्योंकि, अतिथि शिक्षक में भी पढ़ाता हूं. एग्जाम का लेवल भी इजी से मॉडरेट था, जो कॉमर्स का लेवल था, वह हमारा अच्छा रहा. लेकिन टीसी वाले क्वेश्चन पर ध्यान नहीं रहा, इसलिए वह बिगड़ गए. Net की तुलना में यह पेपर ईजी था.

कुछ प्रश्न लेंदी थे…
अनुराग अहिरवार ने बताया, यह मेरा सेकंड अटेम्प्ट है. मैंने प्रीवियस क्वेश्चन और यूट्यूब पर सब्सक्रिप्शन लेकर एग्जाम की तैयारी की हुई है. फर्स्ट पेपर में जो कॉम्पिटेटिव क्वेश्चन थे, वह इजी आए हुए थे सेकंड पेपर में जो इकोनॉमिक्स वाला पोर्शन था वह ईजी था. लेकिन, बाकी के जो भी क्वेश्चन आए थे, वे कठिन थे. बहुत ज्यादा लेंदी थे. अगली बार अब प्रीवियस क्वेश्चन पेपर की अधिक से अधिक प्रेक्टिस करके तैयारी करेंगे फिर आएंगे. द्वारका प्रसाद प्यासी ने बताया, बहुत अच्छा पेपर हुआ है. जनरल नॉलेज और गणित की तैयारी नहीं की थी, नहीं तो 90-92% नंबर लेकर आता. इसमें जो एक कोड मिलने के लिए जोड़ी वाला प्रश्न था वह बहुत कठिन था. बाकी पेपर सरल था क्योंकि डायरेक्ट सब कुछ सीधा-सीधा पूछा था.

एग्जाम जल्दी कंप्लीट कर लिया…
रक्षा चौहान ने बताया, एग्जाम बहुत जल्दी कंप्लीट हो गया था. लाइफ साइंस सब्जेक्ट से मैं पेपर दिया था. केमिस्ट्री और साइंस से रिलेटेड इस तरह की क्वेश्चन आ गई थी, जो हमने पढ़े ही नहीं थे, इसलिए थोड़े वह डिफिकल्ट हो गए. इकोनॉमिक्स के नव प्रभात मिश्रा ने बताया, पहला पेपर बहुत ही सरल आया था. दूसरा पेपर लैंग्वेज पर था, जिसको लैंग्वेज समझ में आ गई, उसको क्वेश्चन समझ में आ गए. जिनको लैंग्वेज समझने में दिक्कत हुई, उसका पेपर भी थोड़ा गड़बड़ हुआ है. लेकिन, एवरेज पेपर अच्छा था. सेकंड पेपर में समय की कमी रही है, जो इकोनॉमिक्स के 100 क्वेश्चन रहे, वह बहुत ज्यादा ही बड़े हो जाते हैं.

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