10 घंटे पहले
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एक लोक कथा है। पुराने समय में एक गांव के मंदिर में एक बड़ा सा पत्थर रखा हुआ था। वह पत्थर वर्षों से वहीं पड़ा था और किसी काम में नहीं आ रहा था। एक दिन मंदिर के पुजारी के मन में विचार आया कि इस पत्थर को तराशकर भगवान शिव की सुंदर मूर्ति बनवानी चाहिए, जिससे मंदिर की शोभा बढ़ जाएगी।
पुजारी ने गांव के एक मूर्तिकार को बुलाया और उसे पत्थर से शिव जी की मूर्ति बनाने का काम सौंपा। मूर्तिकार ने पूरे उत्साह के साथ काम शुरू किया। वह लगातार हथौड़ी और छेनी से पत्थर पर वार करता रहा, लेकिन पत्थर बेहद कठोर था। कई घंटों की मेहनत के बाद भी उसमें कोई खास दरार नहीं पड़ी। पूरा दिन बीत गया। अगले दिन भी मूर्तिकार ने पूरी ताकत से कोशिश करता रहा, लेकिन पत्थर टूटा नहीं। उसके हाथ दर्द करने लगे, शरीर थक गया और मन निराशा से भर गया। उसे लगने लगा कि यह काम उसके बस का नहीं है। आखिरकार उसने हार मान ली और पुजारी से कहा कि यह पत्थर बहुत कठोर है, मैं इसे तराश नहीं सकता।
अगले दिन पुजारी ने दूसरे मूर्तिकार को बुलाया। उसने काम शुरू किया। जैसे ही उसने हथौड़ी से पहला प्रहार किया, पत्थर तुरंत टूट गया। कुछ ही दिनों की मेहनत में उसने भगवान शिव की सुंदर और आकर्षक मूर्ति बना दी।
जब पुजारी ने यह सब देखा, तो वह मुस्कुरा उठा। उसे समझ आ गया कि पहले मूर्तिकार के अनगिनत प्रहारों से पत्थर पहले ही कमजोर हो चुका था। अगर वह अंतिम समय में एक और वार कर देता, तो सफलता उसी को मिल जाती, लेकिन उसने ठीक मंजिल के पास पहुंचकर हार मान ली।
यह घटना हमें सिखाती है कि जीवन में कई बार हमारी मेहनत का फल तुरंत दिखाई नहीं देता, लेकिन हर प्रयास हमें सफलता के और करीब ले जाता है। अंतिम क्षणों में किया गया प्रयास ही अक्सर निर्णायक होता है।
कथा की सीख
- धैर्य रखें
कई बार सफलता तुरंत नहीं मिलती। कुछ लक्ष्य समय मांगते हैं। धैर्य रखने वाला व्यक्ति ही लंबे समय तक संघर्ष कर पाता है और उसे ही सफलता मिलती है।
- अंतिम समय में हार न मानें
अक्सर लोग मंजिल के सबसे करीब पहुंचकर रुक जाते हैं। यही सबसे बुरी स्थिति है। याद रखें, अंतिम चरण तक सावधान रहना चाहिए और प्रयास करते रहना चाहिए।
- अपनी मेहनत पर भरोसा रखें
अगर आप ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं, तो उसका सकारात्मक फल जरूर मिलेगा, भले ही वह अभी दिखाई न दे, लेकिन भविष्य में सफलता जरूर मिलेगी।
- थकान और निराशा को पहचानें, लेकिन उन्हें हावी न होने दें
थकना स्वाभाविक है, लेकिन हार मान लेना समाधान नहीं है। थोड़ा विश्राम करें, फिर दोबारा प्रयास करें। बार-बार प्रयास करने से ही सफलता मिलती है।
- तुलना करना छोड़ें
दूसरे व्यक्ति को जल्दी सफलता मिलती दिखे, तो यह न सोचें कि आप असफल हैं। संभव है कि आपके काम में थोड़ी ज्यादा मेहनत की जरूरत है, तुलना न करें और मेहनत करते रहें, सफलता जरूर मिलेगी।
- लक्ष्य को छोटे चरणों में बांटें
जब लक्ष्य बड़ा लगे, तो उसे छोटे हिस्सों में तोड़ लें। इससे निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है और छोटे-छोटे प्रयासों से ही बड़ी सफलता मिलती है।
- सीखते रहें और खुद को बेहतर बनाते रहें
हर असफल प्रयास कुछ न कुछ सिखाता है। असफलता से मिली सीख को अपनाकर अगला कदम और मजबूत बनाएं।
- खुद पर विश्वास बनाए रखें
आत्मविश्वास ही वह शक्ति है जो हमें अंतिम प्रहार करने का साहस देती है। जीवन में सफलता उन्हीं को मिलती है जो संघर्ष के आखिरी पल तक डटे रहते हैं। हो सकता है आपकी मेहनत का असर अभी दिखाई न दे, लेकिन याद रखें कि आपका अगला प्रयास ही आपकी जीत की वजह बन सकता है। इसलिए सफल होने तक हार न मानें।
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