भोपाल के 5 मेट्रो स्टेशन का इंपेक्शन पूरा: एम्स, अलकापुरी-डीआरएम स्टेशन पर आज पहुंचेंगे CMRS कमिश्नर; फिर दिल्ली लौटेगी टीम – Bhopal News

भोपाल में मेट्रो के कमर्शियल रन के लिए सबसे अहम कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) के दौरे का आज (शनिवार) आखिरी दिन है। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता डीआरएम ऑफिस, एम्स और अलकापुरी मेट्रो स्टेशनों का दौरा करेंगे। वे टीम के साथ मेट्रो में सवार होंगे। प्रायोर

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टीम शाम 6 बजे तक भोपाल में ही रहेगी। इस दौरान मेट्रो ट्रेन और ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखेगी। भोपाल में प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किमी लंबा है। इस पर ही कमर्शियल यानी, पब्लिक पैसेंजर रन शुरू होगा। सीएमआरएस का यह आखिरी दौरा है। दिल्ली जाने के बाद रिपोर्ट तैयार होगी। यदि सबकुछ ठीक मिलता है और सीएमआरएस अपनी रिपोर्ट में सबकुछ ठीक यानी ‘ओके’ देती है तो फिर कमर्शियल रन इसी महीने हो सकता है।

दो दिन में CMRS ने क्या किया?

12 नवंबर- सीएमआरएस की टीम भोपाल पहुंची।

13 नवंबर- डिपो, एम्स स्टेशन तक ट्रैक, सिंगलिंग और सुरक्षा पैमानों पर जांच की। वहीं, आरकेएमपी ‎स्टेशन पर पानी गिराकर ट्रैक लेवल भी‎ चेक किया गया। ताकि, ढाल और जल‎ निकासी की स्थिति का आंकलन किया‎ जा सके। सुभाषनगर डिपो में पूरे प्रोजेक्ट की रिपोर्ट भी देखी थी। पहले दिन करीब 8 घंटे तक दौरा चलता रहा।

14 नवंबर- टीम ने मेट्रो ट्रेन में बैठकर ही सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल और रानी कमलापति स्टेशन तक ब्रेकिंग सिस्टम जाना। इस दौरान मेट्रो में कमिश्नर सेनगुप्ता भी मौजूद रहे। सुभाषनगर डिपो में भी जरूरी जानकारी ली।

शुक्रवार को टीम ने रानी कमलापति, सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, एमपी नगर और डीबी मॉल तक ट्रेन में बैठकर निरीक्षण किया।

तीसरे दिन भी ट्रैक पर उतरेगी शनिवार को लगातार तीसरे दिन टीम ट्रैक पर उतरेगी। ताकि, ट्रेन के अंदर से ही कई तकनीकी पहलुओं पर नजर डाली जा सके। दो दिन तक कई पैमानों पर पड़ताल की गई। टीम ने हर बिंदू को नोट किया।

क्या है CMRS की ‎भूमिका? सीएमआरएस किसी भी‎ मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए सुरक्षा की‎ अंतिम स्वीकृति देते हैं। उनकी‎ रिपोर्ट के बाद ही मेट्रो पर यात्रियों‎ का संचालन शुरू किया जा‎ सकता है।‎

इन बिंदुओं पर जांच जारी ट्रैक, ‎सिग्नलिंग, ब्रेक सिस्टम, स्टेशन ‎सुरक्षा, आपात निकासी व्यवस्था‎ आदि। रिपोर्ट में यदि कोई खामी ‎मिलती है तो उसे सुधारना जरूरी‎ होता है, वरना संचालन की‎ अनुमति नहीं मिलती।‎ हालांकि, पिछले दो दौरे में खामियों पर नजर डाली जा चुकी है। जिसे सुधारने का काम शुरू किया गया। इससे उम्मीद है कि यह टीम जल्द ही अपनी ‘ओके’ रिपोर्ट दे देगी। यानी, शहर की बहुप्रतीक्षित मेट्रो रेल सेवा ‎अब अपने कॉमर्शियल रन के बेहद ‎करीब पहुंच गई है।

पहली बार भोपाल आए हैं कमिश्नर मेट्रो कमिश्नर सेनगुप्ता भी टीम के साथ मौजूद हैं। वे पहली बार बतौर मेट्रो कमिश्नर भोपाल पहुंचे हैं। उनसे पहले जनक कुमार गर्ग कमिश्नर थे, जो रिटायर्ड हो गए। हालांकि, टीम पुरानी ही है। ऐसे में मेट्रो के कॉमर्शियल रन को लेकर ज्यादा अड़चनें नहीं है।

गुरुवार को टीम के निरीक्षण की तस्वीर।

गुरुवार को टीम के निरीक्षण की तस्वीर।

अक्टूबर में था टारगेट, अब नवंबर में दौड़ेगी बता दें कि इससे पहले सरकार ने अक्टूबर में भोपाल में मेट्रो दौड़ने का टारगेट रखा था। इसलिए सितंबर और अक्टूबर में सीएमआरएस के दो अहम दौरे भी हो चुके हैं। पूर्व मेट्रो कमिश्नर गर्ग ने टीम के साथ सुभाष नगर स्थित मेट्रो डिपो और प्रायोरिटी कॉरिडोर के 6.22 किलोमीटर रूट को देखा था। वे ट्रेन में सवार हुए।

सुभाषनगर और एम्स स्टेशन पर करीब दो घंटे तक निरीक्षण किया था। अब तीसरा और सबसे अहम दौरा है, जो बुधवार से ही शुरू हो गया है। गुरुवार-शुक्रवार को कमिश्नर टीम के साथ मैदान में उतरे।

बिहार चुनाव की वजह से अक्टूबर में मेट्रो का कॉमर्शियल रन नहीं हो सका था। ऐसे में अब उम्मीद है कि नवंबर में मेट्रो आम लोगों के लिए ट्रैक पर दौड़ने लगेगी।

रिपोर्ट मिलने के बाद आगे यह जानकारी के अनुसार सीएमआरएस का दौरा होने के बाद वह अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को देगी। यहां से ओके मिलने के बाद कॉमर्शियल रन की फाइनल डेट तय होगी। प्रधानमंत्री मोदी भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं।

31 मई को इंदौर मेट्रो को भोपाल से हरी झंडी दिखाई थी। इसके बाद से भोपाल मेट्रो को लेकर तेजी से काम शुरू हो गया। मेट्रो के जिन 3 स्टेशन के काम बचे हैं, उन पर फोकस रहा।

साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो चुका है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन के कुछ काम बाकी हैं, जो पूरे किए जा रहे हैं। रेल ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज भी बनाए गए हैं।

दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।

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