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Health Tips: गर्मियों में अक्सर गली-मोहल्लों और घरों के आसपास पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे डेंगू जैसी बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है. डेंगू का वायरस मच्छरों के काटने से फैलता है और यह सीधे हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है. इसलिए, इस मौसम में सही सावधानी और कुछ आसान घरेलू उपायों को अपनाना बेहद जरूरी है.
गली-मोहल्लों के गड्ढों में पानी भरते ही मच्छरों की दावत शुरू हो जाती है. उनकी वीआईपी लिस्ट में डेंगू सबसे खास मेहमान बनकर आता है. मौसम जितना सुहावना होता है, मच्छरों का जाल उतना ही तेजी से फैलता है. ऐसे में सतर्कता और जागरूकता रखना बेहद जरूरी है.

डेंगू की शुरुआत आमतौर पर तेज बुखार से होती है. यह बुखार ऐसा महसूस होता है मानो शरीर में छोटे-छोटे बम फूट रहे हों. इसके साथ उल्टियां आना, सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द, थकान, दस्त, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. ऐसे संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर अजित सिंह ने बताया कि डेंगू में सबसे ज्यादा चिंता प्लेटलेट्स की कमी को लेकर होती है. ऐसे में पपीते के पत्ते बेहद कारगर साबित होते हैं. पत्तों का रस पीने से प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ती है. यही कारण है कि इसे डेंगू मरीजों के लिए प्राकृतिक पावर बैंक कहा जाता है.

गिलोय को इम्यूनिटी का सबसे अच्छा साथी माना जाता है. यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. डेंगू के समय गिलोय का काढ़ा पीने से बुखार कम होने में मदद मिलती है और शरीर को ऊर्जा मिलती है. इसे इम्यूनिटी का वाई-फाई कनेक्शन भी कहा जाता है.

तुलसी और अदरक की चाय डेंगू में राहत देने का काम करती है. तुलसी शरीर को संक्रमण से बचाने में सहायक होती है और अदरक थकान कम करने में मदद करती है. इसके साथ अनार का जूस और बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाने में फायदेमंद माने जाते हैं. ये सभी चीजें डेंगू मरीज के लिए बेहद उपयोगी साबित होती हैं.

डेंगू के समय शरीर में पानी की कमी और कमजोरी होना बहुत आम है. ऐसे में नारियल पानी और तरबूज का सेवन बेहद फायदेमंद साबित होता है. यह शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और थकान कम करते हैं. तरबूज की ताजगी और नारियल पानी की ठंडक मरीज को तुरंत ऊर्जा और राहत देती है.

डेंगू से बचाव के लिए घर में साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है. कहीं भी पानी जमा न होने दें और मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी या कीटाणुनाशक स्प्रे का इस्तेमाल करें. बिना डॉक्टर की सलाह के पेन किलर न लें. अगर तेज बुखार बढ़े या ब्लीडिंग शुरू हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. समय पर सावधानी और देसी नुस्खे ही डेंगू से बचाव का सबसे मजबूत कवच हैं.