कभी जाना है कि रोटी या ब्रेड को एल्युमिनियम फॉयल के किस तरफ रखना चाहिए, आज जान ही लीजिए

Which side of aluminum foil is Right: एल्युमिनियम फॉयल लगभग हर घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाला एक आम उत्पाद है. इसका उपयोग बेकिंग, ग्रिलिंग और खाने को पैक करने जैसे कई कामों में किया जाता है. लेकिन इतनी आम चीज़ होने के बावजूद, ज़्यादातर लोग यह नहीं जानते कि फॉयल के एक तरफ चमकदार और दूसरी तरफ फीकी या मैट सतह क्यों होती है. साथ ही यह भ्रम भी बना रहता है कि खाना पकाते समय कौन-सी साइड खाने की तरफ होनी चाहिए चमकदार या मैट? कुछ लोग मानते हैं कि एक तरफ फूड को रखना ज्यादा हेल्दी है और बेहतर तरीके से फूड सुरक्षित रहता है.

असलियत क्या है?
इसका कारण फॉयल बनाने की प्रक्रिया में छिपा है. एल्यूमिनियम फॉयल को बहुत पतली शीट में रोल किया जाता है. आखिरी चरण में दो शीट्स को एक साथ रोल किया जाता है. जो सतह रोलर के संपर्क में आती है वह चमकदार हो जाती है, और जो दूसरी शीट के संपर्क में रहती है वह थोड़ी फीकी रह जाती है. यानी चमकदार और मैट साइड का फर्क सिर्फ निर्माण प्रक्रिया का परिणाम है, न कि सेहत या पकाने की गुणवत्ता का. जहां तक “सही” साइड की बात है, आमतौर पर दोनों तरफ से समान रूप से गर्मी ट्रांसफर होती है. इसलिए अधिकतर सामान्य कुकिंग में कोई खास फर्क नहीं पड़ता. सही साइड का चुनाव परिस्थिति पर निर्भर करता है, न कि किसी किचन मिथक पर.

एल्युमिनियम फॉयल की दोनों सतह में क्या अंतर
टीओआई की खबर के मुताबिक अगर आप गौर से देखें तो एल्युमिनियम फॉयल की दोनों सतहें अलग-अलग होती है. इसमें फर्क एल्युमिनियम फॉयल को बनाने की प्रक्रिया के कारण आती है. एल्युमिनियम फॉयल बनाते समय उसे मशीनों से बहुत पतला रोल किया जाता है. आखिरी चरण में दो परतों को एक साथ रोल किया जाता है, क्योंकि एक परत को अकेले रोल करने पर वह फट सकती है. इस प्रक्रिया में जो सतह मशीन के रोलर के सीधे संपर्क में आती है, वह चमकदार हो जाती है. जबकि जो सतह दूसरी परत के संपर्क में रहती है, वह अपेक्षाकृत फीकी या डल रह जाती है. इसलिए दोनों साइड अलग दिखती हैं.

क्या इसका सेहत से संबंध है
जो साइड चमकदार स्टील रोलर के संपर्क में आती है, वह चमकदार बन जाती है. जबकि दूसरी साइड दूसरी शीट के संपर्क में रहती है, इसलिए उसका रूप मैट या फीका दिखाई देता है. इसका सीधा मतलब है कि दोनों सतहों में फर्क सिर्फ रोलिंग प्रक्रिया के कारण होता है. इसका उनकी मोटाई, बनावट या खाने की सुरक्षा से कोई संबंध नहीं है. दोनों साइड एक ही पदार्थ से बनी होती हैं, बस उनकी फिनिश अलग-अलग होती है.

फूड का साइड से क्या संबंध
कोई संबंध नहीं है. एल्युमिनियम की साइड से खाने पकने या कच्चा रहने का कोई संबंध नहीं. यह लगभग महत्वहीन सवाल है. एल्यूमिनियम की गर्मी पहुंचाने की क्षमता दोनों साइड में समान होती है. चमकदार साइड थोड़ी ज्यादा गर्मी परावर्तित कर सकती है, लेकिन इसका प्रभाव बहुत ही मामूली होता है. रासायनिक रूप से भी दोनों साइड एक जैसी ही प्रतिक्रिया करती हैं. रोजमर्रा के खाना पकाने, बेकिंग या स्टोर करने में यह ज्यादा मायने नहीं रखता कि खाने को फॉयल की कौन-सी साइड छू रही है.

कब साइड मायने रखती है
कुछ फॉयल खास तरह की होती हैं, जैसे नॉन-स्टिक एल्यूमिनियम फॉयल कहा जाता है. नॉन-स्टिक फॉयल की एक साइड पर विशेष कोटिंग की जाती है, जिससे खाना चिपकता नहीं है. ऐसे मामलों में कंपनी सलाह देती हैं कि कोटिंग वाली साइड को खाने की तरफ रखें, क्योंकि परत सिर्फ एक ही तरफ सही तरीके से लगी होती है. लेकिन सामान्य फॉयल में दोनों साइड के बीच कोई खास अंतर नहीं होता.

गलतफहमियां क्यों होती हैं?

1. सतह का दिखना: इंसान स्वाभाविक रूप से जो चीज ज्यादा चमकदार दिखती है, उसे बेहतर मान लेता है. इसलिए चमकदार साइड लोगों को ज्यादा अच्छी लगती है.

2. गलत जानकारी: इंटरनेट पर कई ब्लॉग और वीडियो इस विषय में अफवाहें और मिथक फैलाते हैं कि एक साइड खाना पकाने के लिए बेहतर होती है, जबकि ऐसा कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.

क्या इससे कोई नुकसान है?
जवाब है–नहीं. इससे कोई स्वास्थ्य जोखिम नहीं है. ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि चमकदार या फीकी साइड सेहत पर अलग असर डालती है. अगर थोड़ा बहुत एल्यूमिनियम खाने में मिलता भी है, तो वह पूरी फॉयल से आता है, उसकी सतह की फिनिश से नहीं. इससे खाने की गुणवत्ता पर भी कोई असर नहीं पड़ता. दोनों साइड से खाना पूरी तरह सुरक्षित है. सिर्फ एक सावधानी यह है कि बहुत अधिक खट्टे या नमकीन भोजन को बहुत तेज आंच पर पकाते समय फॉयल का सीमित उपयोग करें, लेकिन इसका सतह की चमक या फीकेपन से कोई संबंध नहीं है. तो एल्यूमिनियम फॉयल की सही साइड कौन-सी है? सरल जवाब है-कोई भी साइड. दोनों में कोई खास फर्क नहीं पड़ता.

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *