घर में उगा लें सुंदर फूलों वाला मधुमालती का पौधा, सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार ही नहीं डायबटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद

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मधुमालती एक बेल जैसा पौधा है, जो दीवारों और बगीचों में चढ़ता है. इसके फूल रात में सफेद और दिन में गुलाबी-लाल होते हैं. आयुर्वेद में इसे त्वचा, पेट और डायबिटीज के इलाज में उपयोगी माना गया है.

मधुमालती एक असरदार जड़ी-बूटी है.

हाइलाइट्स

  • मधुमालती के फूल सर्दी-जुकाम में राहत देते हैं.
  • डायबिटीज के मरीज मधुमालती के फूलों का रस ले सकते हैं.
  • मधुमालती का उपयोग डॉक्टर की सलाह से ही करें.
मधुमालती एक बेल जैसा पौधा है, जो आमतौर पर घरों की दीवारों और बगीचों में चढ़ा हुआ दिखाई देता है. इसके फूल बहुत सुंदर होते हैं. ये फूल रात में सफेद रहते हैं और दिन में गुलाबी और फिर लाल रंग में बदल जाते हैं. यह सिर्फ दिखने में ही सुंदर नहीं है, बल्कि इसके बहुत से औषधीय गुण भी होते हैं. आयुर्वेद में मधुमालती को त्वचा, पेट और डायबिटीज जैसी बीमारियों के इलाज में उपयोगी माना गया है.

अंग्रेजी में इसे रंगून क्रीपर, चायनीज में हनीसकल, बंगाली में मधुमंजरी, तेलुगू में राधामनोहरम, असमिया में मालती, और झुमका बेल जैसे नामों से जाना जाता है. पौधे का बोटैनिकल नाम ‘कॉम्ब्रेटम इंडिकम’ है. मधुमालती ‘कैप्रीफोलिआसी’ परिवार से संबंधित है. इसकी लगभग 180 प्रजातियां हैं. इनमें से लगभग 100 प्रजातियां चीन में, 20 भारत में, 20 यूरोप में और 20 उत्तरी अमेरिका में पाई जाती हैं. यह पौधा बहुत तेजी से बढ़ता है और इसके फूलों की खुशबू भी बहुत अच्छी होती है.

क्या हैं फायदे?
मधुमालती कई बीमारियों में फायदेमंद है. इसके फूल और पत्ते सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार में राहत दिलाते हैं. 1 ग्राम तुलसी के पत्ते में 2-3 लौंग और मधुमालती के फूल व पत्ते डालकर काढ़ा बनाएं और दिन में 2-3 बार पिएं. इससे ठंड से आराम मिलता है. इसके अलावा मधुमालती के फूलों में सूजन को कम करने वाले गुण होते हैं, जिससे जोड़ों के दर्द और गठिया में भी लाभ होता है. डायबिटीज के रोगी इसके 5-6 पत्तों या फूलों का रस निकालकर दिन में दो बार ले सकते हैं. हालांकि इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं, फिर भी किसी भी औषधीय प्रयोग से पहले डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहद जरूरी है, ताकि आपकी स्थिति के अनुसार सही मात्रा निर्धारित की जा सके.

सावधानी और सलाह
भले ही मधुमालती एक असरदार जड़ी-बूटी है, लेकिन इसका इस्तेमाल बिना सलाह के नहीं करना चाहिए. हर इंसान की सेहत और शरीर अलग होता है. इसलिए इसका सही मात्रा में और सही तरीके से इस्तेमाल जरूरी है. किसी भी बीमारी में इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर या किसी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह लें. तभी यह सही लाभ दे पाएगा और नुकसान नहीं होगा.

Vividha Singh

विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें

विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18… और पढ़ें

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