Diwali Shopping 2025: धनतेरस पर रिकॉर्ड ब्रोकर शॉप के बाद भी लोगों ने शॉपिंग की। आलम यह है कि इस साल खरीदारी अपने ऑल टाइम रिकॉर्ड पर पहुंच गई। लोगों ने 5.40 लाख करोड़ (करीब 65 अरब डॉलर) का सामान खरीदा.
कॉन्फिडरेशन ऑफ (CAIT) के आंकड़ों के मुताबिक, यह देश के सेक्टर सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा कारोबार है. यह 2024 में दर्ज की गई रिकॉर्ड खरीदारी से 25 परसेंट ज्यादा है. CAIT ने इसका श्रेय उपभोक्ताओं की मजबूत मांग और हाल ही में जीएसट रेट कट को दिया है. सीएआईटी के एक सर्वे से पता चला है कि जीएसटी कम होने से कन्फेक्शनरी, फुटवियर, होम डेकोर जैसे कंज्यूमर गुड्स की भी खरीदारी बढ़ी है.
दुकानों में जाकर लोगों ने खूब की खरीदारी
सर्वे में शामिल लगभग 72 परसेंट कारोबारियों ने बताया कि जीएसटी कम होने के बाद ही उनकी बिक्री बढ़ी है. दुकानों में लोगों की भीड़ बढ़ी है. इस पूरी खरीदारी में रिटेल कारोबारियों का लगभग 85 परसेंट हिस्सा रहा. इसके अलावा, लोगों का परचेजिंग पावर भी पहले के मुकाबले बढ़ा है.
शहरों के साथ-साथ देश के ग्रामीण हिस्से के लोगों ने भी कुल कारोबार में लगभग 28 परसेंट का योगदान दिया है. CAIT ने बताया कि कारोबार में इस भारी उछाल ने लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग और डिलीवरी जैसे संबंधित क्षेत्रों में लगभग 50 लाख (50 लाख) लोगों के लिए अस्थायी रोजगार पैदा किया है. उद्योग जगत के नेताओं ने 2025 के दिवाली सीजन को एक बड़ा मील का पत्थर बताया. वहीं, लोगों ने इस साल धनतेरस के मौके पर 1 लाख करोड़ रुपये की खरीदारी की थी. अकेले सोने-चांदी की 60,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हुई, जिसे धनतेरस के दिन खरीदना शुभ माना जाता है.
जीएसटी में सुधार का मिल रहा फायदा
बता दें कि जीएसटी काउंसिल ने 3 सितंबर की बैठक में इनडायरेक्ट टैक्स के तहत 12 परसेंट और 28 परसेंट के टैक्स स्लैब को खत्म कर दिया और सिर्फ दो दरों- 5 परसेंट और 18 परसेंट की सिफारिश की थी. इससे रोजमर्रा इस्तेमाल में आने वाली कई चीजें सस्ती हो गईं. इसका मकसद डिमांड को बढ़ाना है, जिससे इकोनॉमी को बूस्ट करने में मदद मिलेगी.
इसके अलावा, जीएसटी रिफॉर्म्स के तहत सरकार ने 5 परसेंट और 18 परसेंट तक के स्लैब में आने वाले कई प्रोडक्ट जीएसटी के दायरे से बाहर भी कर दिया है. इनमें यूएचटी दूध, छेना-पनीर, ब्रेड, रेडी-टू-ईट रोटी, रेडी-टू-ईट रोटी पराठा और पिज्जा शामिल है. इसके अलावा, हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी जीएसटी खत्म कर दिया गया है. 33 लाइफ सेविंग्स ड्रग्स पर भी जीएसटी हटाते हुए जीरो कर दिया है. इनमें कैंसर की भी दवाइयां हैं.
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