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धनिया की ताजी खुशबू और हरियाली से भरे पत्ते हर भारतीय रसोई की शान होते हैं. लेकिन, बाजार से ताजा धनिया लेना कभी-कभी महंगा और थोडा मुश्किल हो सकता है. वहीं अगर आप इसे घर पर ही आसानी से उगा लें तो न सिर्फ आपका खर…और पढ़ें
दरअसल, रायबरेली जिले के एसबीवीपी इंटर कॉलेज शिवगढ़ के गृह विज्ञान के प्रवक्ता अरुण कुमार सिंह (एमए, बीएड, लखनऊ विश्वविद्यालय) लोकल 18 से बात करते हुए बताते हैं कि धनिया न केवल हमारे खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि हमारी सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसे घर पर उगाने के लिए आप पुराने डिब्बे या बाल्टी का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे ज्यादा मेहनत या अधिक जगह की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही, यह पौधा दो से तीन सप्ताह में तैयार हो जाता है, जिससे आप जल्दी ताजा और हरा धनिया पा सकते हैं.
अरुण कुमार सिंह के मुताबिक धनिया को बाल्टी में उगाने के लिए सबसे पहले उन्नत किस्म के बीज का चयन करना जरूरी है, क्योंकि अच्छा बीज ही अच्छी पैदावार का आधार होता है. धनिया के बीज को दो भागों में तोड़कर उनकी गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है जिससे उनकी अंकुरण दर बेहतर हो. इसके बाद, पुरानी बाल्टी को उपजाऊ, भुरभुरी मिट्टी और गोबर की खाद के मिश्रण से भरकर उसमें धनिया के बीज बो दें. ध्यान रखें कि बाल्टी के नीचे एक छोटा सा छेद हो ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके और जड़ें सड़ने से बचें.
पानी और धूप का रखें विशेष ध्यान
बीज की बुवाई करने के बाद बाल्टी की मिट्टी को हल्के हाथों से पानी डालकर अच्छी तरह से सींचें ताकि बीज सूख न जाएं. ध्यान रखें कि बाल्टी को ऐसी जगह रखें जहां रोजाना 4 से 5 घंटे सीधी धूप मिलती हो. लेकिन, अगर तेज धूप हो रही हो तो बाल्टी को छाया वाली जगह पर शिफ्ट कर दें ताकि पौधे जलें नहीं. मिट्टी सूखी न हो इसके लिए समय-समय पर पानी की बोतल से स्प्रे करते रहें और नमी बनाए रखें. जब बीज अंकुरित होकर पौधे तीन से चार इंच तक बढ़ जाएं, तब जैविक तरल खाद जैसे वर्मी कंपोस्ट का पानी दें, जिससे पौधों की बढ़वार तेज़ हो.
इतने दिनो में तैयार हो जाएगा हरा धनिया
अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, अगर बाल्टी में बोए गए धनिया की सही देखभाल की जाए तो मात्र 3 से 4 सप्ताह में ही आपको ताजा और हरा-भरा धनिया बिना किसी अतिरिक्त खर्च के घर पर आसानी से मिलने लगेगा.
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