रेस ऐसी घोड़े भी शर्मा जाएं! बैलों की दौड़ में मामा-भांजे की जोड़ी का जलवा; लगी इतने लाख की बोली

Last Updated:

बैल प्रतियोगिता में साई-टाइगर नाम की बैल जोड़ी पूरे इलाके में मशहूर है. ये दोनों बैल रिश्ते में मामा-भांजा है. इन बैलों को देखने के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं और ये कई बड़े इनाम भी जीत चुके हैं.

मध्य प्रदेश के बालाघाट में किसान खरीफ के खेती के बैलों की रेस होती है. जिस तरह दुनिया में हॉर्स रेस यानी घोड़े की दौड़ की दीवानगी है. बैलों की दौड़ के हर वर्ग के लोग दीवाने हैं. क्या बच्चे और क्या बुजुर्ग. इस खेल में भाग लेने के लिए और देखने के लिए लोग कई किलोमीटर का सफर करते हैं. उसी तरह बालाघाट सहित महाराष्ट्र के विदर्भ में बैलों की दौड़ का पागलपन है. इस खेल के प्रति लोगों की ऐसी दीवानगी है कि बैलों की देखभाल पर बेहिसाब पैसा खर्च होता है. वहीं, इस रेस में हिस्सा लेने वाले बैलों पर लाखों की बोली लगती है. बालाघाट के अंतिम छोर पर स्थित गांव बड़पानी में भी एक ऐसी ही प्रतियोगिता हुई, जहां पर हिस्सा लेने के लिए एक ऐसी बैल जोड़ी जिसकी कीमत 20 लाख रुपए तक लगाई गई. आइए जानते हैं, इस बैल की जोड़ी की कहानी.

पूरे इलाके में मशहूर है मामा-भांजा की जोड़ी
बैल प्रतियोगिता में साई-टाइगर नाम की बैल जोड़ी पूरे इलाके में मशहूर है. ये दोनों बैल रिश्ते में मामा-भांजा हैं. ऐसे में बचपन से ही एक-दूसरे के साथ रहे है और दोनों के बीच अच्छा तालमेल है. नतीजतन बैलों ने इलाके में होने वाली प्रतियोगिताओं 12 बार पहला स्थान हासिल किया है. इन बैलों को देखने के लिए दूर-दराज से लोग आते हैं. वहीं, कई लोग इस जोड़ी को खरीदने की कोशिश करते हैं, लेकिन मालिक इसे बेचना ही नहीं चाहते हैं. महाराष्ट्र के चंद्रपुर और नागपुर के शौकीन लोगों ने इनकी बोली 20 लाख रुपए तक लगाई है.

क्या होती है बैलों की डाइट
पशु मालिक बताते हैं कि इन बैलों का खास ख्याल रखा जाता है. सुबह पांच बजे से उठकर देर रात तक उनका खाने का ख्याल रखा जाता है. वहीं, उन पर सतत निगरानी रखी जाती है. सुबह से लेकर रात तक उन्हें आटा, बादाम, मूंगफली सहित कई खास चीजें खिलाई जाती है. इसके अलावा ताकत के लिए टॉनिक भी पिलाई जाती है. उनकी डाइट पर हर दिन बेहिसाब पैसा खर्च किया जाता है. पशु मालिक का कहना है कि अगर पैसे का हिसाब रखना शुरू करेंगे, तो शौक कर ही नहीं सकते हैं.

बैल की जोड़ी के दीवाने हैं लोग
साई-टाइगर बैल जोड़ी की पूरे इलाके में धमक है. ऐसे में लोग सिर्फ इस जोड़ी की दौड़ को देखने के लिए दूर से आते हैं. जैसे ही जोड़ी दौड़ती है, लोग शोर मचाना शुरू कर देते हैं. बड़पानी में हुई पट प्रतियोगिता में भी जोड़ी ने पहला स्थान हासिल किया.

जानिए क्या होती है पट प्रतियोगिता?
यह प्रतियोगिता दो फेस में होती है. पहले फेज में सिंगल ट्रैक पर दौड़ाया जाता है, जिसमें बैल की क्षमता को देखा जाता है कि तय दूरी को वह कितने समय में दौड़ सकता है. इसे सेकेंड दौड़ कहा जाता है. फिर जो बैल जोड़ी कम से कम सेकेंड में दूरी तय करती है वैसे ही उसकी रैंकिंग तय होती है. और फाइनल में किस इनाम के लिए वह किस जोड़ी से प्रतियोगिता करेगी. पहले इनाम के अलावा रनरअप जोड़ी को सांत्वना पुरस्कार दिया जाता है. इसमें दो या तीन इनाम नहीं होते बल्कि हर रैंकिंग के लिए इनाम तय किए जाते हैं. ऐसी ही प्रतियोगिता चलती है. पट प्रतियोगिता में इनाम कम से कम 50 हजार तो होता ही है.वहीं, बड़ी प्रतियोगिताओं में ये इनाम लाखों तक पहुंच जाता है.

homemadhya-pradesh

रेस ऐसी घोड़े भी शर्मा जाएं! बैलों की दौड़ में मामा-भांजे की जोड़ी का जलवा

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *