रातभर बदलते रहते हैं करवट? 60 नहीं, अब 10 सेकंड में आएगी नींद! सीख लें मिलिट्री ट्रिक, सुबह उठेंगे तरोताजा

Quick sleep techniques :रातभर करवटें बदलते-बदलते थक गए हैं, लेकिन नींद नहीं आती? घबराएं मत, आप अकेले नहीं हैं. दुनिया में हर तीन में से एक व्यक्ति नींद की कमी से परेशान रहता है. ज्यादातर लोगों को 24 घंटे में कम से कम 7 घंटे सोना जरूरी होता है. नींद न आने से थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान और याददाश्त की कमी, अवसाद और चिंता जैसी समस्याएं हो सकती हैं, साथ ही हृदय रोग और मोटापे का खतरा भी बढ़ता है. बेहतर नींद के लिए सोने से पहले सोने के तरीकों, बेडरूम का माहौल और दिनभर क्‍या किया, इन पर ध्यान दें. अगर आप सही तरीके से ये सब करेंगे तो आप जल्दी और चैन से सो पाएंगे, जबकि सुबह भी तरोताजा महसूस करेंगे.

10 सेकंड में कैसे सोएं
हेल्‍थलाइन
के मुताबिक, दरअसल दूसरे विश्‍वयुद्ध के दौरान अमेरिकी नेवी ने एक तरीका अपनाया, जिसकी मदद से वे पहले 120 सेकंड और बाद में 60 सेकंड तक में सोकर रिफ्रेश हो सकते थे. लेकिन पाया गया कि अगर आप इस तरीके की प्रैक्टिस करें तो 10 सेकंड में भी सो सकते हैं .

मिलिट्री मेथड – 10 सेकंड में नींद पाने का आसान तरीका:

1.चेहरा रिलैक्स करें
-अपनी आंखें बंद करें और पूरे चेहरे को ढीला छोड़ दें.
-मुँह, जबड़े और गाल की मांसपेशियों को भी पूरी तरह आराम दें.

2.कंधे और हाथ ढीले करें
-कंधों की सारी टेंशन छोड़ दें, उन्हें नीचे गिरने दें.
-हाथ अपने शरीर के साइड में आराम से लटकाएँ.

3.साँस छोड़ते हुए छाती को रिलैक्स करें
-धीरे-धीरे गहरी सांस लें और छोड़ते समय छाती को पूरी तरह ढीला छोड़ दें.

4.टांगों को आराम दें
-जांघ, घुटने और पिंडली की मांसपेशियों को ढीला छोड़ें.
-अपने पैरों को पूरी तरह आराम दें जैसे भारी बोझ उतर गया हो.

5.दिमाग को शांत करें
-10 सेकंड तक किसी शांत और आरामदायक दृश्य की कल्पना करें.
-जैसे आप समुद्र किनारे आराम कर रहे हों या हरी-भरी पहाड़ियों में लेटे हों.

6.अगर दिमाग नहीं रुकता
-10 सेकंड तक धीरे-धीरे अपने आप से कहें “सोचो मत” या “डोंट थिंक”.
-यह दिमाग की दौड़ को रोकने में मदद करेगा.

लगभग 10 सेकंड में आपका दिमाग शांत होगा और नींद आ जाएगी. रोज़ इस ट्रिक को अपनाने से जल्दी सोना और गहरी नींद लेना आसान हो जाएगा.

अगर यह तरीका तुरंत काम नहीं करता, तो आपको मिलिट्री मेथड की बुनियादी चीज़ों पर ध्यान देना होगा, जैसे साँस लेना (Breathing) और मांसपेशियों को रिलैक्स करना (Muscle Relaxation). कभी-कभी कुछ स्थितियाँ, जैसे अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) या चिंता (Anxiety), इस मेथड के असर को कम कर सकती हैं. ऐसे मामलों में धैर्य के साथ अभ्यास करना और नींद की आदतें सुधारना ज़रूरी है.

एक रिसर्च के अनुसार, धीरे-धीरे साँस लेना, नींद की सही आदतें (sleep hygiene) और रिलैक्सेशन के तरीके कुछ दवाओं की तुलना में अनिंद्रा (insomnia) को बेहतर तरीके से कम करने में मदद कर सकते हैं.

सांस इस तरह लें(4-7-8 ब्रीदिंग)
-होठों को हल्का खोलें और मुँह से साँस छोड़ते समय “हूँ-श” जैसी आवाज़ करें.
-अब होंठ बंद करें और नाक से धीरे-धीरे सांस लें. इस दौरान मन में 4 तक गिनती करें.
-अब अपनी सांस को 7 सेकेंड तक रोकें. यह इस अभ्यास का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है.
-फिर मुँह से धीरे-धीरे साँस छोड़ें, और “हूँ-श” जैसी आवाज़ बनाएं. इस बार 8 सेकेंड तक साँस छोड़ें.

इन बातों का भी रखें ख्‍याल-
प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन (PMR) –
धीरे-धीरे शरीर की मांसपेशियों को ढीला करना.
पैराडॉक्सिकल इंटेंशन – नींद न आने की चिंता को छोड़ना.
विज़ुअलाइज़ेशन – किसी शांत और सुखद दृश्य की कल्पना करना.
एक्यूप्रेशर – शरीर के खास बिंदुओं को दबाकर तनाव कम करना.
इन तरीकों को अपनाकर आप जल्दी सो सकते हैं और सुबह तरोताजा उठेंगे.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *