Moving Homes Can Change Your Weight: अक्सर माना जाता है कि लोगों का वजन उनके खानपान की आदतों और फिटनेस रूटीन पर डिपेंड करता है. यह बात बिल्कुल सही है, लेकिन वैज्ञानिकों ने नई स्टडी में चौंकाने वाली बात बताई है. इसमें कहा गया है कि लोग कैसी जगह पर रहते हैं और वहां किस तरह के लोगों की संख्या ज्यादा है, इसका सीधा असर उनके बॉडी वेट पर होता है. आसान भाषा में कहें, तो अगर आप मोटापे से जूझ रहे लोगों के बीच रहेंगे, तो आप भी मोटे हो जाएंगे. अगर आप फिटनेस फ्रीक लोगों के आसपास रहेंगे, तो आपका वजन भी कंट्रोल रहेगा. इतना ही नहीं, अगर आपके इलाके में जंक फूड्स की दुकानें ज्यादा होंगी, तो आपका वजन बढ़ेगा. अनहेल्दी फूड्स की दुकानें कम हैं, तो आप हेल्दी रहेंगे.
सबसे दिलचस्प बात यह सामने आई कि जो लोग किसी नए इलाके में शिफ्ट होते हैं, उनका वजन धीरे-धीरे उस कम्युनिटी के एवरेज वजन की ओर झुकने लगता है. आसान भाषा में कहें, तो अगर कोई ऐसे एरिया में जाता है, जहां एवरेज लोग ज्यादा वजन वाले हैं, तो कुछ सालों में उसका वजन भी बढ़ने लगता है. अगर वह किसी ऐसे इलाके में रहने जाता है, जहां फिटनेस बेहतर है, तो उसके वजन में कमी देखी जा सकती है. इससे यह साबित होता है कि आसपास का वातावरण जैसे- फूड्स की दुकानें, हेल्दी फूड्स की उपलब्धता, फास्ट-फूड आउटलेट्स की संख्या, पैदल चलने की सुविधा और ग्रीन एरिया तक पहुंच, लोगों की लाइफस्टाइल को चुपचाप, लेकिन असरदार तरीके से प्रभावित करता है.
अध्ययन में यह भी पाया गया कि एरिया का असर खाने-पीने की आदतों पर ज्यादा होता है, जबकि शारीरिक गतिविधि पर कम असर पड़ता है. अलग-अलग क्षेत्रों में ग्रॉसरी और टेकअवे फूड पर किए जाने वाले खर्च वहां के स्थानीय माहौल से संबंधित है. इसका मतलब है कि लोगों के विकल्प सिर्फ उनकी पसंद पर निर्भर नहीं होते, बल्कि इस बात पर भी निर्भर होते हैं कि उनके आसपास क्या आसानी से उपलब्ध, किफायती और सुविधाजनक है. इस अध्ययन के लिए HILDA सर्वे के डेटा का उपयोग किया गया, जो ऑस्ट्रेलिया का दीर्घकालिक राष्ट्रीय सर्वे है और हर साल उन्हीं व्यक्तियों से डाटा इकट्ठा करता है. शोधकर्ताओं को यह समझने में मदद मिली कि किसी व्यक्ति का वजन उनके घर बदलने से पहले और बाद में कैसे बदल रहा है.