करीना को फिट रखने वाली डायटीशियन की 3 भविष्यवाणी, इस साल आसानी से कम होगा मोटापा, ट्रेंड हो रहा ये फॉर्मूला

नया साल अक्सर लोगों को अपनी सेहत पर दोबारा सोचने का मौका देता है. पुरानी गलत आदतें छोड़ने और वजन, पाचन व मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने वाले नए रूटीन अपनाने की शुरुआत इसी समय होती है. इसी कड़ी में बॉलीवुड स्टार्स करीना कपूर, सैफ अली खान, आलिया भट्ट और वरुण धवन की फिटनेस की जिम्मेदारी संभालने वाली सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने साल 2026 को लेकर सेहत और वजन घटाने से जुड़ी तीन अहम भविष्यवाणियां की हैं. सोशल मीडिया पर उनका यह फॉर्मूला तेजी से ट्रेंड कर रहा है, क्योंकि इसमें आसान, वैज्ञानिक और देसी सोच का मेल देखने को मिलता है.

रुजुता दिवेकर का मानना है कि आने वाले समय में लोग फिर से भरोसेमंद रिसर्च और पारंपरिक समझ की ओर लौटेंगे. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि विश्वसनीय वैज्ञानिक शोध धीरे-धीरे पुराने समय की परंपराओं और कॉमन सेंस को सही साबित करेगा. यही वजह है कि इस साल वजन घटाने और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर लोगों की सोच में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

पहली भविष्यवाणी प्रोटीन ऑब्सेशन को लेकर है. रुजुता दिवेकर के मुताबिक पिछले कुछ सालों में प्रोटीन को लेकर जरूरत से ज्यादा क्रेज देखने को मिला. हर दूसरा स्नैक, बार या ड्रिंक प्रोटीन से भरपूर बताकर बेचा जाने लगा. उनका कहना है कि 2026 में यह जुनून कम होगा, क्योंकि धीरे-धीरे यह साफ होता जा रहा है कि जरूरत से ज्यादा प्रोटीन खाने से कोई अतिरिक्त फायदा नहीं होता, सिवाय इसे बेचने वालों के. प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी है, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन संतुलन सबसे अहम है.

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सोशल मीडिया और फिटनेस इंफ्लुएंसर्स ने प्रोटीन को क्लीन ईटिंग का प्रतीक बना दिया. लोग यह सोचने लगे कि अगर उन्होंने प्रोटीन बार या शेक ले लिया, तो वे हेल्दी हो गए, भले ही वह प्रोसेस्ड क्यों न हो. जबकि सच यह है कि शरीर को अलग-अलग स्रोतों से पोषण चाहिए. दालें, बीन्स, चना, टोफू, क्विनोआ जैसे प्लांट बेस्ड प्रोटीन और सीमित मात्रा में एनिमल सोर्स से मिलने वाले प्रोटीन, दोनों का संतुलन ही सही तरीका है. सिर्फ एक पोषक तत्व पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देना लंबे समय में नुकसानदायक हो सकता है.

दूसरी भविष्यवाणी शराब के सेवन में कमी को लेकर है. रुजुता दिवेकर के अनुसार पश्चिमी देशों में पहले ही शराब पीने का चलन घटने लगा है और 2026 में यह ट्रेंड और मजबूत होगा. जैसे-जैसे शराब के शरीर पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव आम लोगों की समझ में आएंगे, लोग इससे दूरी बनाने लगेंगे. शराब न सिर्फ वजन बढ़ाती है, बल्कि लिवर, हार्मोन बैलेंस, नींद और मानसिक सेहत पर भी बुरा असर डालती है.

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