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Success Story : boat फाउंडर अमन गुप्ता की कहानी हमें बताती है कि असफल होना अंत नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत का हिस्सा है. 5 बार फेल होने के बाद भी हार न मानना और लगातार प्रयास करते रहने से ही अमन आज 700 करोड़ की संपत्ति के मालिक बने हैं.
नई दिल्ली. शार्क टैंक इंडिया के जज और boAt के को-फाउंडर अमन गुप्ता आज 700 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं. कभी खुद को एक ‘भटकी हुई आत्मा’ (Lost Soul) मानने वाले अमन ने यह सफलता बहुत मेहनत से पाई है. अमन गुप्ता की सफलता रातों-रात नहीं आई. boAt शुरू करने से पहले अमन ने पांच अलग-अलग स्टार्टअप्स में अपना हाथ आजमाया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. उनके पांचों ही बिजनेस बुरी तरह असफल रहे. लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी उद्यमी बनने के सपने को नहीं छोड़ा. आज नतीजा सबके सामने है.
अमन गुप्ता का जन्म एक साधारण लोअर मिडिल क्लास परिवार में हुआ था. उनके पिता सेल्समैन थे और मां एक स्कूल टीचर. एक संयुक्त परिवार में रहते हुए, जहां हर परिवार के हिस्से में सिर्फ एक कमरा आता था, अमन ने बचपन से ही अभाव देखे थे. उनके जीवन का कोई स्पष्ट लक्ष्य नहीं था. उन्होंने चार्टर्ड एकाउंटेंसी (CA) की पढ़ाई सिर्फ इसलिए की क्योंकि उनके पिता ऐसा चाहते थे.
दिल्ली की बसों में खाए धक्के
संघर्ष का आलम यह था कि वे दिल्ली की बसों में धक्के खाते हुए सफर करते थे. वे जानबूझकर बस के पहले स्टॉप पर जाते थे ताकि सीट मिल सके और वे सफर के दौरान दो घंटे सो सकें या पढ़ाई कर सकें. वे दिन में 16-16 घंटे काम करते थे, लेकिन सफलता अभी भी उनसे कोसों दूर थी.
17 साल की मेहनत और 5 असफल स्टार्टअप्स
अमन गुप्ता की सफलता रातों-रात नहीं आई. boAt शुरू करने से पहले अमन ने पाँच अलग-अलग स्टार्टअप्स में अपना हाथ आजमाया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. उनके पांचों बिजनेस बुरी तरह असफल रहे. जब उनके दोस्त कॉर्पोरेट जगत की सीढ़ियां चढ़ रहे थे और लाखों के पैकेज पा रहे थे, तब अमन अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहे थे.
पत्नी की कमाई से चला घर
हैरान करने वाली बात यह है कि 40 साल की उम्र तक पहुंचने के बाद भी अमन का अपना कोई स्थिर बैंक बैलेंस नहीं था. एक इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया कि कई वर्षों तक उनकी आजीविका उनकी पत्नी प्रिया की कमाई पर चलती थी. वह उनकी पत्नी का अटूट विश्वास और आर्थिक सहयोग ही था, जिसने अमन को छठा जोखिम लेने का साहस दिया.
‘भटकी हुई आत्मा’ को किनारा मिला
2016 में समीर मेहता के साथ मिलकर उन्होंने boAt की शुरुआत की. इस बार अमन ने अपनी गलतियों से सीखा था. उन्होंने भारतीयों की नब्ज पहचानी और किफायती लेकिन स्टाइलिश ऑडियो प्रोडक्ट्स बाजार में उतारे. जब पहली बार बड़ी फंडिंग मिली, तो अमन को यकीन नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि वे बार-बार अपना बैंक बैलेंस चेक करते थे, क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी इतने पैसे नहीं देखे थे. जल्द ही boAt भारत का नंबर-1 ऑडियो वियरेबल ब्रांड बन गया और अमन गुप्ता एक ग्लोबल एंटरप्रेन्योर के रूप में उभरे. आज उनकी नेटवर्थ 700 करोड़ रुपये को पार कर चुकी है.
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