Gardening Tips: ठंड के मौसम में अगर अपने होम गार्डन या बालकनी को रंग-बिरंगे फूलों से सजाने की इच्छा है, तो पिटूनिया का फूल एक बेहतरीन ऑप्शन बनकर सामने आ रहा है. रायपुर के जाने-माने गार्डनिंग एक्सपर्ट देवेंद्र धीवर के अनुसार, पिटूनिया ऐसा फूल है जो खासतौर पर ठंड के मौसम में ही खिलता है और जनवरी से अप्रैल तक लगातार अपने आकर्षक फूलों से बगीचे की रौनक बढ़ाता है.
शहरवासियों की पहली पसंद
एक्सपर्ट देवेंद्र धीवर बताते हैं कि पिटूनिया के पौधों की प्लांटेशन अक्टूबर से दिसंबर महीने के बीच की जा सकती है. अगर कोई व्यक्ति दिसंबर की ठंड में भी अपने घर के गार्डन में पिटूनिया को शामिल करना चाहता है, तो उसे ज्यादा परेशानी नहीं होती. शहर की नर्सरियों में पिटूनिया का पौधा मात्र 25 रुपए की कीमत पर आसानी से उपलब्ध हो जाता है. कम लागत में ज्यादा सुंदरता देने वाला यह पौधा आजकल शहरवासियों की पहली पसंद बनता जा रहा है.
पिटूनिया के फूल कई आकर्षक रंगों में उपलब्ध होते हैं. इनमें सफेद, लाल, नीला, गुलाबी, पर्पल और शेडेड रंग शामिल हैं. एक ही गमले में अलग-अलग रंगों के पिटूनिया लगाकर लोग अपने गार्डन को और भी खूबसूरत बना सकते हैं. यह पौधा न सिर्फ घरों के आंगन और बालकनी के लिए उपयुक्त है, बल्कि छतों और खुले स्थानों में भी आसानी से उगाया जा सकता है.
12 इंच का गमला सबसे उपयुक्त
गार्डनिंग एक्सपर्ट के अनुसार, पिटूनिया को गमले में लगाने के लिए 10 से 12 इंच का गमला सबसे उपयुक्त रहता है. इसमें वर्मीकम्पोस्ट, कोकोपीट, भूंसा और सामान्य मिट्टी को अच्छे से मिलाकर पौधा लगाना चाहिए. पौधे की बेहतर ग्रोथ और अधिक फूलों के लिए बीच – बीच में सरसों की खली और नीम की खली को मिक्स कर खाद के रूप में डालना फायदेमंद रहता है. इससे पौधे को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और फूलों की संख्या भी बढ़ती है.
पिटूनिया के पौधे को रोजाना पानी देने की जरूरत होती है, लेकिन ध्यान रखना चाहिए कि गमले में पानी जमा न हो. सही देखभाल के साथ इसका सिडलीन 15 से 20 दिनों में पूरी तरह तैयार हो जाता है. अगर अभी नर्सरी से पौधा लगाया जाए, तो मार्च महीने तक लगातार रंग – बिरंगे फूल देखने को मिलते हैं. खास बात यह है कि एक स्वस्थ पिटूनिया के पौधे से रोजाना 3 से 4 फूल खिलते हैं, जिससे बगीचा हमेशा खिला-खिला नजर आता है.
कम खर्च, आसान देखभाल और लंबे समय तक खिलने वाले फूलों की वजह से पिटूनिया सर्दियों के मौसम में होम गार्डनिंग के शौकीनों के लिए एक आदर्श पौधा साबित हो रहा है. रायपुर सहित आसपास के इलाकों में लोग इसे तेजी से अपने गार्डन में शामिल कर रहे हैं, जिससे शहर के घर-आंगन और बालकनियां प्राकृतिक रंगों से सज रही हैं.
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