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Viral Infection in Kids: पैरा माइक्सो वायरस छोटे बच्चों के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है. यह खासकर पांच साल से छोटे बच्चों में तेजी से फैल रहा है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकता है. डॉक्टर से जानें इसके सुरक्षा उपाय और बचाव का सबसे असरदार तरीका.
मऊ: आज के समय में पैरा माइक्सो वायरस एक बेहद संक्रामक बीमारी बन चुकी है जो विशेष रूप से छोटे बच्चों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी 5 साल से कम उम्र के बच्चों में तेजी से बढ़ रही है और सही समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा हो सकती है.
बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी
डॉक्टर सुमन्त कुमार गुप्ता के अनुसार, पैरा माइक्सो वायरस से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय पर टीकाकरण है. सरकारी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है. टीकाकरण 9 महीने के बच्चों से शुरू होता है और 5 साल तक के बच्चों को दिया जाता है. यह गंभीर बीमारियों जैसे निमोनिया और दिमागी संक्रमण से बचाता है और समय पर न करने पर बीमारी जानलेवा हो सकती है.
गंभीर अवस्था में खतरा और सुरक्षा उपाय
कुछ प्रकार के पैरा माइक्सो वायरस जैसे निपाह वायरस और इंद्र वायरस बहुत खतरनाक होते हैं, जिनकी मृत्यु दर 40% से 70% तक होती है. कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग इन वायरस से ज्यादा प्रभावित होते हैं. यदि आपके परिवार में कोई इस बीमारी से संक्रमित है तो उसे अलग रखें, मास्क का उपयोग कराएं और नियमित रूप से हाथ धोते रहें. गंभीर लक्षण होने पर तुरंत योग्य चिकित्सक से इलाज करवाना जरूरी है. समय पर टीकाकरण और सावधानी ही इस वायरस के फैलाव और गंभीर परिणामों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है.
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने साह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने साह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं… और पढ़ें