Smartphone Hotspot Vs WiFi: आज के समय में इंटरनेट कनेक्शन हर डिजिटल यूजर की जरूरत बन चुका है. घर से काम करना हो, ऑनलाइन क्लास अटेंड करनी हो, वेब सीरीज देखनी हो या सोशल मीडिया चलाना हो हर जगह तेज और स्थिर नेटवर्क जरूरी है. ऐसे में स्मार्टफोन का हॉटस्पॉट और Wi-Fi राउटर अहम भूमिका निभाते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इनका सिग्नल आखिर कितनी दूर तक पहुंच सकता है? इसका जवाब कई बातों पर निर्भर करता है जैसे डिवाइस की क्षमता, इस्तेमाल की जा रही तकनीक और आसपास का माहौल.
स्मार्टफोन हॉटस्पॉट की रेंज
जब आप अपने फोन में हॉटस्पॉट ऑन करते हैं तो वह Wi-Fi तकनीक के जरिए मोबाइल डेटा को दूसरे डिवाइस तक पहुंचाता है. ज्यादातर नए स्मार्टफोन 2.4GHz और 5GHz बैंड पर काम करते हैं. आमतौर पर घर के अंदर हॉटस्पॉट की रेंज लगभग 10 से 20 मीटर तक होती है. अगर खुली जगह हो और बीच में दीवार या रुकावट न हो तो यह दूरी करीब 30 मीटर तक पहुंच सकती है.
हालांकि, मोटी दीवारें, फर्नीचर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सिग्नल को कमजोर कर सकते हैं. 2.4GHz बैंड लंबी दूरी तक सिग्नल पहुंचाता है लेकिन स्पीड थोड़ी कम मिलती है. वहीं 5GHz बैंड तेज स्पीड देता है, मगर इसकी कवरेज सीमित होती है.
Wi-Fi राउटर की रेंज
स्मार्टफोन के मुकाबले Wi-Fi राउटर ज्यादा क्षेत्र कवर करने के लिए बनाए जाते हैं. एक सामान्य घरेलू राउटर घर के अंदर करीब 30 से 50 मीटर तक सिग्नल दे सकता है. खुले क्षेत्र में यह दूरी 90 मीटर या उससे ज्यादा भी हो सकती है जो राउटर के मॉडल और एंटीना की ताकत पर निर्भर करती है.
नए जमाने के Wi-Fi 6 सपोर्ट वाले राउटर और Mesh सिस्टम कवरेज और स्थिरता को और बेहतर बनाते हैं. Mesh Wi-Fi में कई यूनिट्स घर या ऑफिस के अलग-अलग हिस्सों में लगाई जाती हैं जिससे डेड ज़ोन लगभग खत्म हो जाते हैं और हर कोने में सिग्नल मिलता है.
किन कारणों से कम हो सकती है रेंज?
हॉटस्पॉट या राउटर की परफॉर्मेंस कई चीजों से प्रभावित होती है. मोटी दीवारें और फर्श सिग्नल को रोक सकती हैं. आसपास मौजूद दूसरे वायरलेस डिवाइस इंटरफेरेंस पैदा कर सकते हैं. राउटर की सही जगह पर न होना भी नेटवर्क कमजोर कर सकता है. ज्यादा यूजर एक साथ कनेक्ट हों तो स्पीड कम हो सकती है. बाहरी सेटअप में मौसम का असर भी पड़ सकता है.
आपके लिए कौन बेहतर?
अगर आपको छोटे कमरे में या थोड़े समय के लिए इंटरनेट शेयर करना है तो फोन का हॉटस्पॉट पर्याप्त है. लेकिन बड़े घर, ऑफिस या ज्यादा डिवाइस कनेक्ट करने के लिए Wi-Fi राउटर ज्यादा भरोसेमंद और स्थिर विकल्प साबित होता है.
यह भी पढ़ें:
एक लिंक और पूरा फोन खाली! स्क्रीन-शेयरिंग स्कैम कैसे भारतीयों को बना रहा है शिकार
.