मूड को बनाना है बेहतर, रोज सुबह उठकर करें यह काम, गर्मी के मौसम में भी रहेंगे कूल-कूल !

The Science of Happy Mood: गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है और अब धूप में ज्यादा देर रुकना मुश्किल हो गया है. अक्सर लोग गर्मियों की शुरुआत होते ही धूप से पूरी तरह दूरी बना लेते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि सूरज की रोशनी शरीर के लिए उतनी ही जरूरी है जितनी कि हवा और पानी. सूरज की किरणें न केवल हमें गर्माहट देती हैं, बल्कि यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने का सबसे आसान जरिया हैं. नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार धूप का सही तालमेल हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने से लेकर हड्डियों को मजबूत रखने तक में अहम भूमिका निभाता है. हालांकि गर्मियों में धूप लेने का तरीका सर्दियों से बिल्कुल अलग होना चाहिए, ताकि हम इसके फायदों का आनंद ले सकें और नुकसान से बच सकें.

सूरज की रोशनी शरीर में विटामिन डी D उत्पादन को सक्रिय करने का एकमात्र प्राकृतिक स्रोत है. जब सुबह की हल्की किरणें हमारी त्वचा पर पड़ती हैं, तो शरीर में मेटाबॉलिक फंक्शन बेहतर होते हैं, जिससे न केवल हड्डियां मजबूत होती हैं, बल्कि जोड़ों के दर्द में भी राहत मिलती है. विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण के लिए जरूरी है, जिसके बिना शरीर की संरचना कमजोर हो सकती है. इसके अलावा नियमित रूप से सही समय पर धूप लेने से दिल की सेहत में सुधार होता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है. यह वजन प्रबंधन और शरीर की आंतरिक हीलिंग प्रक्रिया को भी तेज करता है, जो बिना किसी दवा के शरीर को भीतर से मजबूत बनाता है.

धूप का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि हमारे ब्रेन पर भी गहरा पड़ता है. सुबह की सुनहरी धूप में समय बिताने से शरीर में सेरोटोनिन नामक हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिसे फील-गुड हार्मोन भी कहा जाता है. यह हार्मोन सीधे तौर पर हमारे मूड को बेहतर बनाने, डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने और एंजायटी से राहत दिलाने में सहायक होता है. जो लोग सुबह की धूप का आनंद लेते हैं, उनमें एनर्जी लेवल दिन भर बना रहता है और उनकी एकाग्रता की क्षमता भी बढ़ती है. मानसिक शांति और खुशहाली के लिए सूरज की रोशनी एक प्राकृतिक एंटी-डिप्रेसेंट की तरह काम करती है.

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गर्मियों में धूप के फायदे उठाने के लिए सही समय जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार सूर्योदय के बाद से लेकर सुबह 9 बजे तक की धूप विटामिन डी के लिए सबसे प्रभावी और सुरक्षित मानी जाती है. इस दौरान अल्ट्रावॉयलेट बी किरणें कम हानिकारक होती हैं. गर्मियों में केवल 10 से 20 मिनट की धूप ही पर्याप्त होती है, इससे अधिक समय तक धूप में रहने से सनबर्न, त्वचा में जलन या एलर्जी का खतरा बढ़ सकता है. धूप लेते समय अपने हाथ, पैर और चेहरे को खुला रखें, ताकि त्वचा किरणों को अवशोषित कर सके, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि ओवर एक्सपोजर से बचने के लिए कम समय ही काफी है.

गर्मियों की दोपहर यानी 12 बजे से शाम 4 बजे तक की तेज धूप से बचना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इस समय किरणें सबसे ज्यादा हानिकारक होती हैं. धूप का लाभ लेने के लिए सुबह की सैर करें या बालकनी में बैठें. बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, चेहरे पर सनस्क्रीन लगाएं और आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा या टोपी का इस्तेमाल करें. चूंकि धूप शरीर में गर्मी बढ़ाती है, इसलिए भरपूर मात्रा में पानी पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन न हो. इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप गर्मियों में भी सूरज की रोशनी का वरदान पा सकते हैं और अपनी सेहत व मूड दोनों को शानदार बना सकते हैं.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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