कार की चाभी, पर्स और भूल जाते हैं छोटी-छोटी बातें… ट्राई करें 1 ग्राम ये देसी चूर्ण! लोग पूछेंगे तगड़ी याददास्त का राज

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Benefits Of Shankhapushpi : अक्सर लोग रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातें, जैसे कार की चाबी या मोबाइल कहां रखा, भूल जाते हैं. आयुर्वेद के अनुसार दिमाग की क्षमता बढ़ाने और याददाश्त तेज करने के लिए कुछ देसी नुस्खे बेहद असरदार होते हैं. इन्हीं में से एक है यह खास देसी चूर्ण, जिसे रोज 1 ग्राम लेने से दिमाग़ तेज़ और याददाश्त मजबूत होती है.

अलीगढ़. आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में शंखपुष्पी को मस्तिष्क को शक्ति देने वाली सर्वोत्तम जड़ी-बूटियों में गिना जाता है. यह पौधा भारत के लगभग हर हिस्से में पाया जाता है और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश व आसपास के राज्यों में इसकी खेती की जाती है. इस पौधे के दिमाग़ को ताकत देने के अलावा और भी कई लाभ हैं. इस पौधे के चमत्कारी लाभ जानने के लिए लोकल 18 की टीम ने आयुर्वैदिक डॉक्टर राजेश कुमार से खास बात की.

डॉ. राजेश कुमार बताते हैं कि शंखपुष्पी एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक पौधा है. जो पूरे भारत में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में पाया जाता है. इसकी खेती मुख्यत जब मौसम पौधे के विकास के लिए अनुकूल रहता है तब की जाती है. यह पौधा अपने औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद में विशेष महत्व रखता है.इसे कई बिमारियों के लिए रामबाण इलाज़ के रूप मे भी माना जाता है. यह बहुत शक्तिशाली पौधा है. इस शंखपुष्पी का प्रमुख उपयोग मानसिक तनाव, अवसाद, अनिद्रा और पाचन संबंधी समस्याओं में किया जाता है. इसके अलावा यह भूख बढ़ाने और स्मरण शक्ति को सुधारने में भी लाभकारी माना जाता है.

ऐसे करें सेवन
डॉ. राजेश का कहना है कि शंखपुष्पी का सेवन चूर्ण, सिरप के रूप में किया जा सकता है. बच्चों और बड़ों दोनों के लिए यह उपयोगी है. चूर्ण की मात्रा लगभग 1 से 1.5 ग्राम प्रतिदिन दी जाती है जिसे दूध या पानी के साथ सुबह और शाम लिया जा सकता है. यह एक सुरक्षित औषधि है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता. आजकल पढ़ने वाले बच्चों को याददाश्त बढ़ाने के लिए भी शंखपुष्पी का सेवन कराया जाता है. इस प्रकार यह पौधा मानसिक स्वास्थ्य और स्मरण शक्ति को मजबूत करने वाली एक प्रभावी आयुर्वेदिक औषधि के रूप में प्रसिद्ध है.

mritunjay baghel

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें

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