आपको भी हो सकती है सलमान खान वाली बीमारी, क्यों कहते हैं इसे सुसाइडल डिजीज, भारत में क्या है इलाज? डॉ. ने बताया

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Salman Khan’s disease trigeminal neuralgia: सलमान खान ने ट्राइजेम‍िनल न्‍यूरेल्‍ज‍िया बीमारी को साढ़े 7 साल झेलने के बाद व‍िदेश में सर्जरी कराई थी. सुसाइडल ड‍िजीज कही जाने वाली इस बीमारी का भारत में इलाज है या नहीं? आइए द‍िल्‍ली के न्‍यूरोलॉज‍िस्‍ट डॉ. राहुल चावला से जानते हैं..

Trigeminal Neuralgia treatment in India: हाल ही में ट्विंकल खन्ना और काजोल के शो ‘टू मच’ में बॉलीवुड एक्टर सलमान खान (Salman Khan) ने अपनी बीमारी के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि उन्हें न्यूरो संबंधी गंभीर रोग ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया (trigeminal neuralgia) हुआ था. हर 4-5 मिनट में चेहरे की नसों में उठने वाले इस असहनीय दर्द के चलते वे खाना तक नहीं चबा पाते थे. हालांकि साढ़े 7 साल इस दर्द को झेलने के बाद 2011 में सलमान खान ने विदेश में जाकर इसकी सर्जरी कराई और इस दर्द से मुक्ति पा ली थी.लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या ये बीमारी किसी भी सामान्य व्यक्ति को हो सकती है? और क्या इसका इलाज भारत में हो सकता है?

साउथ दिल्ली के जाने-मानेन्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राहुल चावला की मानें तो न्यूरो संबंधी यह रोग किसी को भी हो सकता है. ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया वास्तव में ट्राइजेमिनल नर्व में इरिटेशन की वजह से होती है. यह इरिटेशन इसलिए होती है जब कोई रक्त वाहिका ट्राइजेमिनल नर्व को हर तरफ से घेर के उससे सट जाती है. यह एक लॉन्ग टर्म की बीमारी है. इसमें चेहरे के एक हिस्से में बिजली की तरह चुभने वाला दर्द उठता है. या कह सकते हैं कि सीवियर पेन के दौरे पड़ते हैं.

क्यों कहते हैं सुसाइडल डिजीज?
डॉ. चावला कहते हैं कि इस बीमारी को सुसाइडल डिजीज के नाम से भी जाना जाता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि ट्राइजेमिनल नर्व में इरिटेशन की वजह से इतना भयानक दर्द होता है कि व्यक्ति सुसाइड तक करने के बारे में सोच लेता है, और सबसे खास बात है कि यह दर्द हर कुछ सेकेंड से लेकर कुछ मिनटों तक लगातार हो सकता है और ऐसा दिन में कई बार हो सकता है.

यह दर्द शेविंग करने, ब्रश करने, कुछ खाने या यहां तक कि बोलने पर भी हो सकता है. ऐसे में मरीज इस असहनीय दर्द के चलते पूरी तरह अपना संतुलन खो बैठता है.

क्या भारत में है इलाज?
डॉ. ने बताया कि ट्राइजेमिनल न्यूरेल्जिया का बेहतर इलाज भारत में है. इस दर्द के लिए कुछ विशेष दवाएं दी जाती हैं. इनसे भी मरीजों को फायदा होता है. वहीं अगर परेशानी ज्यादा है तो इसके इलाज के लिए कुछ सर्जिकल विकल्प जैसे माइक्रोवैस्कुलर डीकंप्रेशन या रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन भी कर सकते हैं. माइक्रोवैस्कुलर डीकंप्रेशन में ब्रेन में नर्व पर दबाव डालने वाली ब्लड वेसेल को ट्राइजेमिनल नर्व से दूर कर दिया जाता है. यह काफी सफल इलाज है.

इसके अलावा रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन की प्रक्रिया को भी कर सकते हैं. यह भी सर्जिकल प्रक्रिया है लेकिन इसमें इलाज के लिए रेडियोफ्रीक्वेंसी एनर्जी का उपयोग किया जाता है और ट्राइजेमिनल नर्व पर एक घाव बनाया जाता है और इससे मरीज को दर्द में राहत मिलती है.

किसी को भी फेशियल दर्द हो तो करें ये काम
डॉ. राहुल ने कहा कि यह बीमारी किसी को भी हो सकती है. ऐसे में अगर किसी को इस तरह का फेशियल दर्द होता है तो वह सीधे न्यूरोलॉजिस्ट के पास जाए. जल्दी पहचान के बाद इस बीमारी को ठीक किया जा सकता है. अगर सही समय पर दवाएं मिल जाती हैं तो इस दर्द को बढ़ने से रोका जा सकता है.

priya gautamSenior Correspondent

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें

अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्… और पढ़ें

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