क्या होता है सीड स्टार्टर?
दरअसल, सीड स्टार्टर एक छोटा कंटेनर होता है जिसमें बीज को अंकुरित किया जाता है, ताकि पौधा मजबूत होकर मिट्टी में ट्रांसप्लांट करने के लिए तैयार हो सके. अक्सर लोग इसके लिए स्पेशल प्लास्टिक ट्रे या मिट्टी के छोटे गमले खरीदते हैं. लेकिन अगर आप चाहें, तो घर में मौजूद कई चीज़ों से भी सीड स्टार्टर बना सकते हैं, जैसे कि दही का डब्बा.
क्यों इस्तेमाल करें दही का डब्बा?
दही के डब्बे हल्के, टिकाऊ और आसानी से काटे जा सकते हैं. इनकी गहराई इतनी होती है कि बीज को पर्याप्त जगह मिल सके. साथ ही, ये प्लास्टिक डब्बे वॉटरप्रूफ भी होते हैं, जिससे पानी नीचे नहीं टपकता और बीज सूखते नहीं.
-सबसे पहले दही का खाली डब्बा लें और उसे अच्छी तरह धोकर सूखा लें.
-नीचे की तरफ दो-तीन छोटे छेद कर दें, ताकि एक्स्ट्रा पानी निकल सके.
-अब डब्बे में थोड़ी सी गार्डनिंग सॉइल या पॉटिंग मिक्स भरें.
-उसमें 1-2 बीज डालें और ऊपर से हल्का सा मिट्टी डालें.
-पानी छिड़कें और धूप वाली जगह पर रख दें.
-डब्बे के ऊपर ट्रांसपेरेंट प्लास्टिक कवर से ढक सकते हैं ताकि ह्यूमिडिटी बनी रहे.
आप इस डिब्बे में टमाटर, मिर्च, धनिया, तुलसी, लेमन ग्रास, पुदीना जैसे छोटे पौधों की सीडिंग कर सकते हैं. इस डब्बे में अंकुरन और पौधों में आ रहे जड़ मजबूती से मिट्टी को पकड़ेंगे और ये हेल्दी रहेंगे. यही नहीं, जड़ आने के बाद आप इन्हें आसानी से किसी बड़े गमले या किचन गार्डन में शिफ्ट कर सकते हैं.
फायदे भी ढेर सारे
दही के डब्बे से सीड स्टार्टर बनाना न केवल आसान है, बल्कि इसके कई फायदे भी हैं. इससे आपकी पैसे की बचत होती है क्योंकि अलग से गमले या सीड ट्रे खरीदने की ज़रूरत नहीं पड़ती. घर का कचरा रीसाइकल होता है और प्लास्टिक वेस्ट भी कम होता है, जो पर्यावरण के लिए फायदेमंद है. यह बच्चों को गार्डनिंग सिखाने का शानदार तरीका है, जिससे वे प्रकृति से जुड़ते हैं.
-आप चाहें तो डब्बे के बाहरी हिस्से को पेंट या डेकोरेट भी कर सकते हैं ताकि वह देखने में भी सुंदर लगे.
-इस छोटे से स्टेप से न सिर्फ आपकी गार्डनिंग आसान हो जाएगी, बल्कि आप पर्यावरण को भी एक पॉजिटिव गिफ्ट देंगे.
अगली बार जब दही का डब्बा खत्म हो, तो उसे फेंकने से पहले एक बार ज़रूर सोचिए, शायद उससे कोई नया पौधा जन्म ले सकता है!
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