योग विशेषज्ञ हंसा जी योगेंद्र ने शेयर किए मेनोपॉज़ टिप्स! कहा- योग, आहार और मानसिक संतुलन को दें अहमियत

मेनोपॉज़ हर महिला के जीवन में एक अहम बदलाव का दौर होता है. इस दौरान हॉट फ्लश, रात को पसीना आना और मूड स्विंग जैसी परेशानियां आम हैं. लेकिन यह महिला इस बदलाव से कैसे निपटती है, यह उसके अनुभव और जीवनशैली पर निर्भर करता है. एक इंटरव्‍यू में योग एक्‍सपर्ट 77 वर्षीय योग विशेषज्ञ हंसा जी योगेंद्र ने बताया कि उन्‍होंने 58 साल की उम्र में मेनोपॉज़ का सामना किया था. अपने अनुभव के आधार पर, उन्‍होंने बताया कि योग, सही पोषण और मानसिक संतुलन अपनाकर महिलाएं इस दौर को आराम और सकारात्मक तरीके से जी सकती हैं.

हंसा जी के समय में मेनोपॉज़ पर खुलकर चर्चा नहीं होती थी. उनकी माँ भी लगभग 50 की उम्र में मेनोपॉज़ से गुजरी थीं, लेकिन उस समय यह विषय ज्यादा चर्चित नहीं था. आज हालात बदल गए हैं और महिलाएं अपने शरीर और भावनाओं के उतार-चढ़ाव को समझने और संभालने के लिए ज्यादा जागरूक हैं.

1.योग से पाएं शक्ति और शांति-
हंसा जी योगेंद्र, जो The Yoga Institute की डायरेक्टर भी हैं. उनका कहना है कि योग और प्राणायाम मेनोपॉज़ के दौरान शारीरिक और मानसिक रूप से काफी फायदा पहुंचाते हैं. नियमित योग से महिलाएं शारीरिक रूप से सक्रिय रहती हैं और हॉट फ्लश या मूड स्विंग जैसी समस्याओं को आसानी से मैनेज कर पाती हैं.

उनकी कुछ सरल योग टिप्स:
प्राणायाम करें:
शरीर के कूलिंग सिस्टम को संतुलित रखें.
ध्यान और मेडिटेशन: तनाव कम करने और मानसिक शांति पाने के लिए.
चलें और प्रकृति में समय बिताएं: ताजगी और ऊर्जा पाने के लिए.

2.आहार और पोषण टिप्स-
मेनोपॉज़ में पोषण का खास ध्यान रखना जरूरी है, खासकर 50 की उम्र के बाद, जब विटामिन और मिनरल्स का स्तर घटने लगता है. हंसा जी के अनुसार:

नट्स शामिल करें: भिगोए हुए बादाम और मूंगफली से प्रोटीन और फाइबर मिलता है.
स्प्राउट्स और प्रोटीन: रिच फूड्स खाएं ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे.
विटामिन और मिनरल्स लें: कैल्शियम, विटामिन D3 और B12 हड्डियों और स्वास्थ्य के लिए.
हड्डियों की सुरक्षा: ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस के जोखिम कम करें.
हाइड्रेटेड रहें: पानी, नींबू पानी और नारियल पानी पिएं.

3.मानसिक और भावनात्मक संतुलन-
मेनोपॉज़ के दौरान मानसिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य.

हंसा जी के सुझाव:
परिवर्तन को स्वीकार करें: जीवन में सब बदलता है, इसलिए बदलाव को अपनाएं.
‘मी टाइम’ का सही इस्तेमाल: अपनी पसंद और शौक पर ध्यान दें.
विपरीत भाव का अभ्यास: हर स्थिति में सकारात्मक पहलू देखें.
प्यार बांटें: खुद को unloved महसूस करने पर दूसरों की मदद करें.
मन को व्यस्त रखें: शांत और उद्देश्यपूर्ण गतिविधियों में समय बिताएं.
स्वावलंबी बनें: अपनी जरूरतें खुद पूरी करें, किसी पर अधिक निर्भर न रहें.

हंसा जी योगेंद्र के ये सिंपल लेकिन व्यावहारिक टिप्स अपनाने से महिलाएं मेनोपॉज़ को आसानी से डील कर सकती हैं. योग, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देकर यह चरण जीवन का एक सकारात्मक और स्वस्थ अनुभव बन सकता है.

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