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Patient Safety Day 2025: वर्ल्ड पेशेंट सेफ्टी डे मनाने का उद्देश्य दुनियाभर में मरीजों की सुरक्षा के बारे में जागरुकता फैलाना है. पेशेंट सेफ्टी में डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ का अहम योगदान होता है. हाल ही में नेपाल में भूकंप के दौरान एक नर्स ने नवजात बच्चों की जान बचाकर मानवता और प्रोफेशनलिज्म की मिसाल पेश की थी.
पेशेंट सेफ्टी में डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ का अहम योगदान होता है.पेशेंट सेफ्टी में नर्स और डॉक्टर्स की भूमिका सबसे अहम होती है. मरीज के इलाज की प्रक्रिया में सबसे पहले और आखिरी तक वही शामिल होते हैं. डॉक्टर सही इलाज तय करते हैं और नर्सें दिन-रात मरीज की देखभाल करती हैं. समय पर दवाएं देना, समय पर चेकअप करना, साफ-सफाई का ध्यान रखना और इमरजेंसी में तुरंत प्रतिक्रिया देना, ये सब पेशेंट सेफ्टी का ही हिस्सा हैं. मरीज को संक्रमण से बचाना, गलत दवा या डोज की गलती को रोकना और किसी भी बदलाव को तुरंत पहचानने जैसी जिम्मेदारियां नर्सों और डॉक्टर्स पर होती हैं.
डॉक्टर्स और नर्स सिर्फ इलाज नहीं करते, बल्कि भरोसे की एक मजबूत दीवार भी बनते हैं. मरीजों की सुरक्षा के लिए वे दिन-रात मेहनत करते हैं, कई बार अपनी जान जोखिम में डालकर भी दूसरों की जान बचाते हैं. विश्व मरीज सुरक्षा दिवस के मौके पर ऐसे स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मान देना और उनकी भूमिका को समझना बेहद जरूरी है. पेशेंट सेफ्टी तभी संभव है जब हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को संसाधन, प्रशिक्षण और सहयोग मिलते रहें, ताकि हर मरीज को सुरक्षित, सम्मानजनक और समय पर इलाज मिल सके.
अमित उपाध्याय वर्तमान में News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में काम कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 9 वर्षों का अनुभव है. वे खासतौर पर हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों को गहराई से स…और पढ़ें
अमित उपाध्याय वर्तमान में News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में काम कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 9 वर्षों का अनुभव है. वे खासतौर पर हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों को गहराई से स… और पढ़ें