Loan Options After Retirement: रिटायरमेंट के बाद सबसे पहले सैलरी बंद हो जाती है, लेकिन घर का बजट उसी तरह चलता रहता है. अगर किसी व्यक्ति पर रिटायरमेंट के बाद भी दैनिक जरूरतों का खर्च बना हुआ है, तो कई बार उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता हैं. साथ ही उम्र ज्यादा होने की वजह से कई बार मेडिकल इमरजेंसी भी हो जाती है. ऐसे में जब पैसों की जरूरत होती है तो, लोग बैंक से पर्सनल लोन लेने की प्लानिंग करते हैं.
हालांकि, नियमित आमदनी बंद होने के कारण बैंक ज्यादातर मामलों को रिजेक्ट कर देता है. अगर आप भी इस दौर से गुजर रहे हैं और आपको अतिरिक्त पैसों की जरूरत है, तो पर्सनल लोन के अलावा भी दूसरे विकल्प मौजूद हैं. सही जानकारी और योजना के जरिए वित्तीय दबाव को कम किया जा सकता है. आइए जानते हैं, रिटायरमेंट के बाद भी पैसों का इंतजाम कैसे किया जा सकता है…..
एफडी पर मिल सकता है लोन
अगर आपने बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट करा रखी है, तो जरूरत पड़ने पर उसे तोड़े बिना भी लोन लिया जा सकता है. बैंक एफडी को गिरवी मानकर यह सुविधा देते हैं. जिसमें ब्याज दर एफडी पर मिलने वाले रिटर्न से थोड़ी अधिक होती है, लेकिन प्रक्रिया काफी सरल रहती है.
कागजी प्रक्रिया बहुत आसान होने से यह विकल्प रिटायर्ड लोगों के लिए भी सही माना जाता है. आमतौर पर बैंक आपकी एफडी राशि का करीब 80 प्रतिशत तक लोन मंजूर कर देते हैं.
सोना गिरवी रखकर कर सकते हैं पैसों का इंतजाम
रिटायर हो चुके लोगों के लिए गोल्ड लोन भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसमें अपने सोने के गहने या आभूषण गिरवी रखकर कम समय में लोन लिया जा सकता है. आमतौर पर इसकी ब्याज दरें बिना गारंटी वाले पर्सनल लोन की तुलना में कम होती हैं, इसलिए यह किफायती भी पड़ता है. समय पर लोन की किस्त चुकाते रहने से आपका सोना सुरक्षित रहता है.
प्रॉपर्टी पर भी ले सकते हैं लोन
यदि आपके नाम पर मकान या अन्य कोई संपत्ति दर्ज है और आपको ज्यादा राशि की जरूरत है, तो उसे गिरवी रखकर लोन लिया जा सकता है. बैंक इसे सुरक्षित सौदा मानती है, इसलिए आमतौर पर इसकी ब्याज दर पर्सनल लोन से कम होती है.
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