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Sunanda Bai Success Story: एमपी के बुरहानपुर जिले के देवरी माल गांव की करीब 50 महिलाएं अब सब्जी भाजी बेचकर अपनी आजीविका चला रही हैं. यहां उगाई गई सब्जियों, केले के पत्ते, बेलपत्र और दुर्वे की मुंबई में भारी मांग है. महिलाएं रोज ट्रेन से मुंबई जाकर यह सामान बेचती हैं और प्रतिदिन 2 से 3 हजार रुपये तक कमा रही हैं.
Sunanda Bai Success Story: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में सबसे अधिक सब्जी भाजी की खेती होती है और यहां की सब्जी भाजी महाराष्ट्र के मुंबई में सबसे अधिक डिमांड है देवरी माल में रहने वाली सुनंदा बाई का कहना है कि गांव की करीब 50 से अधिक महिलाएं रोजाना सब्जी बेचने के लिए मुंबई जाती है. यहां की सब्जी की वहां पर सबसे अधिक डिमांड है. सब्जी के साथ केले के पत्ते बेलपत्र और भगवान श्री गणेश को चढ़ने वाले दुर्वे को लेकर जाते हैं वहां के लोग इन चीजों को सबसे अधिक पसंद करते हैं. इसलिए हम यहां से करीब 50 महिलाएं रोज ट्रेन से सफर कर मुंबई में यह सब्जी बेचने का काम कर रही है दो से ₹3000 रोज की कमाई हो जाती है. महिलाओं का कहना है कि पहले हम खेतों में काम के लिए जाते थे 200 से 300 से रुपए कमाते थे लेकिन आज अच्छी कमाई हो रही हैं.
महिलाओं ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम ने जब गांव की सुनंदा बाई से बात की तो उन्होंने बताया कि हम देवरी के रहने वाले हैं पहले हम खेतों में काम करने के लिए जाते थे केवल 200 से 300 रुपए रोज की कमाई कर पाते थे लेकिन जब हमारे यहां की सब्जी की डिमांड महाराष्ट्र के मुंबई में बड़ी तो हम भी अब यहां से सब्जी खेतों से लेकर मुंबई में पहुंचते हैं और वहां पर लोगों को बेचते हैं लोगों को यह सब्जी भाजी बहुत पसंद आती है. जिससे अब हमारी कमाई बढ़ गई है एक महिला दो से ₹3000 की कमाई कर लेती है. हम मुंबई ट्रेन से सब्जी बेचने के लिए जाते हैं और हमारे गांव की करीब 50 से अधिक महिलाएं हैं सब्जी भाजी का व्यवसाय कर उनकी जीविका चला रही है.
जैविक तरीके से करते हैं सब्जी की खेती
हमारे यहां पर जैविक तरीके से सब्जी की खेती की जाती है हमारे गांव के किसान अब जैविक खेती की और बढ़ते जा रहे हैं क्योंकि जैविक खेती करने से किसानों की भी आमदनी बड़ी है क्योंकि अधिक भाव मिलता है और लोग ऑर्गेनिक सब्जियों को ही पसंद करने लगे हैं क्योंकि किसान जैविक और ऑर्गेनिक खाद का इस्तेमाल कर फसले लगा रहे हैं. जिससे उनका उत्पादन भी अच्छा होता है और भाव भी अच्छा मिल रहा है.
50 महिलाओं की बदली जिंदगी
गांव की सुनीता बाई बताती है कि पहले हमारे पास कोई काम नहीं था लेकिन जब हम यहां से मुंबई सब्जी लेकर जाने लगे और बेचने लगे तो पहले तो कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था लेकिन जैसे ही हमको वहां पर व्यापारी और सब्जी खरीदने वाले लोग मिलते गए अब उस से हमारे व्यापार की राह आसान हो गई है. हम यहां से माल लेकर जाते हैं वहां पर व्यापारी हमसे यह माल खरीद लेते हैं ताजी सब्जियां होने के कारण अच्छा भाव मिलता है. हमारे द्वारा यहां से चने की बाजी प्याज की पत्ती मैथी की भाजी स्वा पालक सोन चिला की भाजी लेकर जाते हैं जिस से हमारी दो से ₹3000 रोज की कमाई हो जाती है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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