Last Updated:
Guna News: गुना शहर में हुए इस अमानवीय कृत्य और जबरन किए गए चक्काजाम के कारण अशोकनगर रोड पर घंटों तक यात्री और वाहन चालक फंसे रहे, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
गुना में जबरन चक्काजाम और बच्चा पटकने की कोशिश.
Guna News: गुना शहर में कैंट थाने के सामने रविवार शाम पारदी समुदाय की महिलाओं ने पुलिस कार्रवाई रोकने के लिए संवेदनहीनता की हदें पार कर दीं. लूट के आरोपियों को छोड़ने का पुलिस पर दबाव बनाने के लिए उग्र प्रदर्शन किया गया. इस दौरान एक महिला ने अपने ही नवजात शिशु को हवा में उछालकर जमीन पर पटकने का प्रयास किया. पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी से मासूम को हवा में ही लपक लिया, जिससे जान बच सकी.
गुना शहर में हुए इस अमानवीय कृत्य और जबरन किए गए चक्काजाम के कारण अशोकनगर रोड पर घंटों तक यात्री और वाहन चालक फंसे रहे, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. पूरा मामला गादेर घाटी क्षेत्र में हुई लूट की वारदात से जुड़ा है. कैंट थाना पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए रविवार सुबह पटेल नगर निवासी चार पारदी युवकों को हिरासत में लिया था.
पुलिस कार्रवाई से महिलाएं बौखलाईं
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के पास से लूट की बाइक भी बरामद की जा चुकी है, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. पुलिस की इस ठोस कार्रवाई से बौखलाई पारदी परिवारों की महिलाओं ने थाने के सामने मुख्य मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया. इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण करीब एक घंटे से अधिक समय तक हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. एम्बुलेंस और बसों में सवार यात्री इस अराजकता के बीच बेबस नजर आए. स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आत्मघाती कदम उठाते हुए बच्चों को ढाल बनाना शुरू कर दिया.
महिला पुलिस की सख्ती पर थमा मामला
बाद में महिला पुलिस बल की सख्ती और घंटों की समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया गया और यातायात सुचारू हो सका. पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और अपराधियों के पक्ष में इस तरह के हिंसक और दबावपूर्ण कृत्यों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हालांकि, इस बारे में जब कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव से चर्चा करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया.
पुलिस ने जबरन पकड़ा…
वहीं, प्रदर्शन कर रही एक आरोपी की पत्नी बबल पारदी ने बताया कि उनका पति, भांजा, भाई सहित उनके एक अन्य परिजन को पुलिस झूठे केस में उठाकर ले गई. सुबह से थाने में बिठा रखा था. पुलिस बोल रही थी अभी छोड़ देंगे. लेकिन, अब तक नहीं छोड़ा. मेरा एक भाई तो कल ही दिल्ली की जेल से छूटा है, पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया.
About the Author
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
.