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:Health Tips : डॉ. संतोष मौर्य ने कहा कि सर्दियों में इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर लोग दवाइयों पर निर्भरता कम कर सकते हैं. नियमित रूप से काढ़े का सेवन करने से न केवल सर्दी-खांसी से राहत मिलती है, बल्कि शरीर भी प्राकृतिक रूप से मजबूत बनता है.
खरगोन. ठंड का मौसम शुरू होते ही सर्दी, खांसी और बुखार जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं. बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे लोग जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं. बार-बार डॉक्टर के पास जाना और दवाइयों पर खर्च करना हर किसी के लिए आसान नहीं होता. ऐसे में आयुर्वेद में बताए गए देसी नुस्खे काफी कारगर साबित हो सकते हैं.
खरगोन आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. संतोष मौर्य बताते है कि, ठंड के दिनों में अगर शरीर को अंदर से गर्म रखा जाए तो सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है. उन्होंने बताया कि घर के किचन में मौजूद सौंठ, मरीच, पीपली, अदरक, तुलसी और काली मिर्च जैसी औषधीय चीजों से तैयार किया गया काढ़ा इस मौसम में बेहद फायदेमंद है.
कैसे बनाए घर पर काढ़ा
काढ़ा बनाने के लिए एक कप पानी में सभी सामग्री को मिलाकर तब तक उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए. फिर इसे छानकर हल्का गुनगुना होने पर पी लें. डॉ. मौर्य का कहना है कि इस काढ़े का सुबह और शाम तीन दिन तक लगातार सेवन करने से सर्दी-खांसी में काफी राहत मिलती है. जरूरत पड़ने पर इसे सात दिन तक भी लिया जा सकता है. यह शरीर को गर्म रखता है और गले की खराश, बलगम और बुखार जैसी समस्याओं को दूर करता है.
त्रिकटु चूर्ण का भी कर सकते है सेवन
उन्होंने बताया कि इसके अलावा त्रिकटु चूर्ण और गिलोय का चूर्ण भी सर्दियों में बेहद लाभकारी हैं. त्रिकटु चूर्ण को शहद के साथ या फिर तुलसी और अदरक के साथ गुनगुना बनाकर लिया जा सकता है. वहीं गिलोय का चूर्ण रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और संक्रमण से बचाने में मदद करता है. दोनों ही औषधियां आयुर्वेदिक दुकानों और अस्पतालों में आसानी से उपलब्ध हैं.
ठंड में इन बातों का भी रखे ध्यान
डॉ. मौर्य ने कहा कि सर्दियों में इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर लोग दवाइयों पर निर्भरता कम कर सकते हैं. नियमित रूप से काढ़े का सेवन करने से न केवल सर्दी-खांसी से राहत मिलती है, बल्कि शरीर भी प्राकृतिक रूप से मजबूत बनता है. उन्होंने सलाह दी कि ठंड के दिनों में गुनगुना पानी पिएं, हल्का और पौष्टिक भोजन करें तथा सुबह की धूप जरूर लें.
7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह… और पढ़ें