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Calendula Flower In Winter: छत्तीसगढ़ में बढ़ती ठंड के बीच कैलेंडुला फूल की मांग तेजी से बढ़ी है. रायपुर के एक्सपर्ट कुलदीप साहू बताते हैं कि यह विंटर फ्लावर कम देखभाल में भी खूब खिलता है. 8-10 इंच गमला, धूप और ‘गार्डन ग्रो’ खाद से पौधा तेजी से बढ़ता है. ऑरेंज, येलो और नींबू रंग के फूल घर-आंगन की खूबसूरती बढ़ा देते हैं.
Calendula Flower In Winter: छत्तीसगढ़ में दिसंबर की ठंडक जैसे-जैसे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मौसम में खिलने वाले सीजनल फूलों की मांग भी तेजी से बढ़ने लगी है. रायपुर के तेलीबांधा इलाके स्थित साहू नर्सरी के गार्डनिंग एक्सपर्ट कुलदीप साहू इस समय घर की सजावट और रंगत बढ़ाने के लिए कैलेंडुला को सबसे उपयुक्त फूल मानते हैं. उनका कहना है कि सर्द माह में यह पौधा पूरे सीजन शानदार तरीके से खिलता है और किसी भी छोटे या बड़े गार्डन की खूबसूरती में जबरदस्त चार चांद लगा देता है.
एक्सपर्ट कुलदीप साहू बताते हैं कि कैलेंडुला एक सीजनल विंटर फ्लावर है, जो केवल ठंड के मौसम में ही अच्छी तरह से जीवित रहता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि कम देखभाल में भी पौधा तेजी से बढ़ता है और कुछ ही दिनों में दर्जनों आकर्षक फूल देना शुरू कर देता है. रायपुर स्थित साहू नर्सरी में यह पौधा फिलहाल करीब 30 रुपए में आसानी से उपलब्ध है, जिसके कारण आम लोग भी इसे अपने घर के बगीचे में लगाने के लिए काफी उत्साहित नजर आते हैं.
कौन सी खाद इस्तेमाल करें?
गार्डनिंग एक्सपर्ट कुलदीप साहू के अनुसार, कैलेंडुला लगाने के लिए 8 से 10 इंच का गमला सबसे बेहतर माना जाता है. पौधा लगाने से पहले गमले के नीचे पानी निकासी के लिए छेद अवश्य करना चाहिए ताकि अधिक नमी से जड़ें खराब न हों. नर्सरी से लाए पौधे का पॉलीथिन हटाकर सीधे तैयार मिट्टी में रोपा जा सकता है. एक्सपर्ट कुलदीप साहू बताते हैं कि कैलेंडुला के बेहतर विकास के लिए कोई भी साधारण खाद डाली जा सकती है, लेकिन वे खास तौर पर ‘गार्डन ग्रो’ नामक मिक्स खाद की सलाह देते हैं. इस खाद में सरसों की खली, नीम की खली, बोन मिल, डीएपी, पोटाश और ग्रोमर जैसे पोषक तत्व शामिल होते हैं, जो पौधे को संतुलित पोषण देकर लगातार फूल खिलने में मदद करते हैं. इसे हर 15 दिन में 2 चम्मच गमले की किनारी पर डालना चाहिए.
कैलेंडुला को दिन के समय धूप में रखना जरूरी होता है, जिससे इसके पौधे झाड़ीनुमा होकर एक फीट तक बढ़ जाते हैं और लगातार सुंदर फूल देना शुरू कर देते हैं. हालांकि, यह पौधा सुगंधित नहीं होता, लेकिन इसके ऑरेंज, यलो और पका नींबू रंग के फूल देखने में इतने आकर्षक होते हैं कि गार्डन की शोभा कई गुना बढ़ा देते हैं. पानी देने को लेकर सावधानी रखना आवश्यक है मिट्टी यदि पहले से गीली हो तो पानी बिल्कुल नहीं डालना चाहिए. केवल मिट्टी सूखने पर ही सिंचाई करनी चाहिए.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
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