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Ghost Bat Drone Australia: ऑस्ट्रेलिया का MQ-28A Ghost Bat ड्रोन आसमान से मौत बरसाएगी. बिना पायलट हवा से वार कर सकेगा यह डेडली हथियार.
MQ-28A Ghost Bat ने 150 घंटे उड़ान और 20,000 घंटे सिमुलेशन टेस्ट पास किए. (फोटो Reuters)50 साल बाद ऑस्ट्रेलिया की यह पहली घरेलू लड़ाकू ड्रोन परियोजना है. और इसे लेकर देश की सरकार और सेना दोनों बेहद गंभीर हैं. तेज, स्मार्ट और घातक- Ghost Bat को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह दुश्मनों के लिए आसमान से बरसती मौत का दूसरा नाम साबित हो.
चार महीने पहले पूरा हुआ परीक्षण
बोइंग डिफेंस ऑस्ट्रेलिया और रॉयल ऑस्ट्रेलियन वायुसेना (RAAF) ने हाल ही में Ghost Bat काक्षमता प्रदर्शन 2025 ट्रायल कैंपेन पूरा किया. खास बात यह रही कि यह अभियान तय समय से चार महीने पहले ही सफलतापूर्वक खत्म कर लिया गया. इस दौरान ड्रोन ने 150 घंटे से ज्यादा की उड़ानें भरीं और 20,000 घंटे से अधिक वर्चुअल सिमुलेशन टेस्ट पास किए.
स्टील्थ, स्पीड और स्मार्ट सेंसर से लैस यह हथियार. (फोटो Reuters)
Ghost Bat को “loyal wingman” के रूप में विकसित किया गया है. यानी यह F-35 और Super Hornet जैसे मानव-पायलट लड़ाकू विमानों के साथ उड़कर दुश्मन की जासूसी, डेटा शेयरिंग और सीधा हमला कर सकता है.
- यह स्वायत्त उड़ान भर सकता है और खुद से मिशन पूरा कर सकता है.
- इसमें मॉड्यूलर डिजाइन है, जिससे इसे विभिन्न तरह के हथियारों और सेंसर के साथ फिट किया जा सकता है.
- अगले चरण में इसमें हवा से हवा मिसाइल दागने की क्षमता भी जोड़ी जा रही है, जिसकी टेस्टिंग 2026 तक पूरी होगी.
Block-2 वर्जन और अपग्रेड्स
ड्रोन का नया Block-2 वर्जन अब निर्माणाधीन है. इसमें तेज प्रोसेसर, बेहतर पेलोड क्षमता और नए विंग डिजाइन शामिल होंगे. इसके साथ ही GPS/INS सिस्टम में सुधार और लंबी रेंज वाले कम्युनिकेशन मॉड्यूल भी जोड़े जाएंगे.
ऑस्ट्रेलियाई सरकार इस प्रोजेक्ट पर पिछले सात सालों में 1 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च कर चुकी है. हाल ही में अल्बानेसे सरकार ने इसे आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त 500 मिलियन डॉलर की फंडिंग का ऐलान किया. सरकार का मानना है कि यह ड्रोन आने वाले समय में न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया की रक्षा क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा बल्कि इसे रक्षा तकनीक निर्यातक देश के रूप में भी पहचान दिलाएगा.
दुश्मनों के लिए खौफ क्यों?
Ghost Bat की सबसे बड़ी ताकत है स्टील्थ, स्पीड और स्मार्ट सेंसर. यह दुश्मन की नजर से बचकर हमला कर सकता है और अपनी लो-कॉस्ट ऑपरेटिंग क्षमता की वजह से बड़ी संख्या में तैनात किया जा सकता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह ड्रोन इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया की सैन्य मौजूदगी को नई धार देगा और खासकर चीन जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों के लिए यह गंभीर चुनौती साबित हो सकता है.
Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, …और पढ़ें
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