Last Updated:
10000 steps myth: पिछले कुछ सालों से 10 हजार कदम चलने को सब बीमारी की दवा बताई जा रही है. लेकिन क्या यह बात सच है. एक न्यूरोसाइंटिस्ट ने इस रहस्य से पर्दा उठाया है. 10 हजार कदम चलने से क्या होता है, आइए इसके बारे में जानते हैं.
10000 steps myth: हर दिन 10,000 कदम चलने का फिटनेस मंत्र बड़ी-बड़ी सेलीब्रिटीज द्वारा दिए जाते रहे हैं. पिछले कुछ सालों से यह बेहद पॉपुलर भी हो रहा है लेकिन अब यह सवालों के घेरे में है.न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी की मशहूर न्यूरोसाइंटिस्ट डॉ. वेंडी सुजुकी का कहना है कि 10,000 कदम पूरे करने का नियम किसी वैज्ञानिक शोध का नतीजा नहीं है बल्कि एक पुरानी मार्केटिंग रणनीति से निकला था. उनका मानना है कि इस तथाकथित जादुई आंकड़े को हासिल न कर पाने पर लोग अनावश्यक तनाव में आ जाते हैं, जबकि असल अहमियत रोज़मर्रा की एक्टिविटी और मूवमेंट की है. न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस की डीन डॉ.सुजुकी इस सिद्धांत को महज एक मिथ मान रही है जो बना दी गई है. डॉ. सुजूकी हेल्दी ब्रेन, हैप्पी लाइफ जैसी चर्चित किताब की लेखिका हैं. हाल ही में अपने शो MythMenders में इस मिथक को तोड़ा.
10 हजार कदम नहीं तो कितना
डॉ. सुजूकी ने ट कहा कि 10,000 कदम कोई वैज्ञानिक सच नहीं, बल्कि एक विज्ञापन का नतीजा है. नए अध्ययनों के अनुसार महज 7,000 कदम रोज़ाना चलना भी बेहतर दिमागी और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त है. उन्होंने बताया कि 10 हजार कदम चलने के बजाय दिन भर के छोटे-छोटे मूवमेंट पर ध्यान दें. इसमें आप सीढ़िया चढ़ सकते हैं. घर में साफ-सफाई का काम कर सकते हैं. फ़ोन पर चलते-चलते बात कर कर सकते हैं और चेयर पर बैठे-बैठे छोटे-छोटे स्ट्रेच भी कर सकते हैं. इन सारे मूवमेंट्स से आपके शरीर हेल्दी रहेंगे. उन्होंने बताया कि फिटनेस का रहस्य संख्या नहीं बल्कि नियमित सक्रियता और आनंद है. यानी शरीर में जितनी हरकत करेंगे उतना फायदा होगा और जितने खुश रहेंगे उतना हेल्दी रहेंगे.
View this post on Instagram