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Purnia Success Story : पूर्णिया के रहने वाले अभिनव शाह ने पत्नी के आइडिया से अपनी जिंदगी ही बदल दी. उन्होंने 10 लाख रुपये के सालाना के पैकेज को ठुकरा दिया. आज सालाना उनका 40 लाख का टर्नओवर है. इसके साथ ही 25 लोगों को रोजगार भी दिया है. आइये जानते हैं उस बिजनेस के बारे में.
पूर्णिया : कहते हैं जब किसी की किस्मत चमकने वाली होती है तो उसे कोई भी नहीं रोक सकता है. दरअसल, ऐसी ही कहानी पूर्णिया के अभिनव शाह की है. बता दें कि अभिनव पूर्णिया के खुशकीबाग के रहने वाले हैं. उनकी पत्नी के एक आइडिया से उनकी जिंदगी बदल गई. आज वह अपनी पत्नी के एक आइडिया से बंपर कमाई कर रहे हैं. आइये उस आइडिया के बारे में जानते हैं.
10 लाख रुपये के पैकेज को बिजनेस के लिए ठुकराया
अभिनव ने लोकल 18 से बताया कि इससे पहले वह दिल्ली की एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में 10 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी किया करते थे, लेकिन जब उनकी शादी हुई तो उनकी पत्नी ने उन्हें एक आइडिया दी. वह आइडिया वैसे तो बहुत ही नार्मल थी, लेकिन पत्नी के उस आइडिया ने तो उनकी जिंदगी ही बदल दी. उन्होंने बताया कि ऐसा कहा जाता है कि कभी-कभी पत्नी की बातें भी सच हो जाती हैं तो ऐसे में ही उनकी पत्नी का आइडिया हिट हो गया. अभिनव बताते हैं कि 2023 में उनकी शादी हुई और उनकी पत्नी का आइडिया हिट हो गया. जिससे आज वह एक अच्छे बिजनेसमैन भी बन गए हैं.
पत्नी के आइडिया से हुआ हिट
उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं, उन्होंने कहा कि उन्हें जैविक खेती में अभी लोगों को केंद्र सरकार और राज्य सरकार की तरफ से विशेष लाभ दिए जा रहे हैं. ऐसे में उनकी पत्नी ने उन्हें वर्मी कंपोस्ट को तैयार करने का आइडिया दिया. इस बिजनेस को उन्होंने शुरुआत में स्टार्ट किया. हालांकि वह अभी शुरुआती में 200 टन प्रतिवर्ष प्रोडक्शन करत रहे हैं. जबकि इस वर्ष से वह 100 मैट्रिक टन वर्मी कंपोस्ट प्रत्येक महीने उत्पादन कर रहे हैं.
25 लोगों को दिया है रोजगार
उन्होंने कहा कि उन्हें एग्रीकल्चर से जुड़े पहले कोई आइडिया नहीं था. जबकि उन्हें पहले मैनेजमेंट का पूरा आइडिया रहा है, लेकिन उनकी पत्नी की वजह से उन्हें एग्रीकल्चर का पूरा आइडिया मिला और पिछले ढाई वर्षो से वह इस कंपनी का बिजनेस खुद चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में उनकी 8 से 10 लाख रुपए की लागत आई, लेकिन अब तक इस कंपनी का सालाना टर्नओवर 40 लाख से अधिक हो गया है. वहीं, उनके कंपनी में 10 लोग नियमित तौर पर काम कर रहे हैं और 15 लोग फील्ड के तौर पर काम कर रहे हैं. इस तरह उनकी कंपनी में 25 लोगों को रोजगार भी मिला है.
अब 40 लाख का सालाना है टर्न ओवर
उन्होंने बताया कि उन्हें इन चीजों को बनाने के लिए बाहर से इन चीजों को खरीदने की जरूरत नहीं होती है. स्थानीय गांव घर के लोगों और पशुपालकों से ही गोबर की खरीदारी करते हैं. जहां केंचुआ बेस्ट क्वालिटी का रखते हैं. उसी से प्रोडक्शन को तैयार करते हैं.इस व र्मी से कंपोस्ट को पूरी तरह बनाते हैं. यह पैकेट के किलो के हिसाब से बेचते हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि 1 किलो 5 किलो 10 किलो और कुंटल भर लोगों को किसानों के खेत तक पहुंचाया जाता है. वहीं, कोई भी किसान भाई केमिकल मुक्त खेती करने के लिए वर्मी कंपोस्ट का पूर्ण इस्तेमाल करे तो आपकी खेती में बेहतर फसल और उत्पादन भी होगा. वहीं, ₹8 से लेकर ₹20 प्रति किलो तक लोगों को वर्मी कंपोस्ट देते हैं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें
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