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Urinary Tract Infection in Women: महिलाएं यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का ज्यादा शिकार होती हैं, जबकि पुरुषों में इसका रिस्क कम होता है. महिलाओं की शारीरिक बनावट, हार्मोनल बदलाव और हाइजीन हैबिट्स इसकी बड़ी वजह हैं. महिलाओं का मूत्रमार्ग छोटा होने के कारण बैक्टीरिया आसानी से इंफेक्शन पैदा कर देते हैं. हालांकि इससे बचाव किया जा सकता है.
महिलाओं में कई कारणों से UTI का खतरा पुरुषों से ज्यादा होता है.
Why UTI Risk Is Higher in Women: यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) एक कॉमन समस्या है, जो बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करती हैं. अक्सर महिलाएं इस इंफेक्शन का शिकार हो जाती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यह मूत्र मार्ग में होने वाला संक्रमण है, जिसकी चपेट में आने पर बार-बार पेशाब आना, पेशाब में जलन, निचले पेट में दर्द और कभी-कभी बुखार जैसे लक्षण नजर आते हैं. कई महिलाओं को बार-बार UTI का सामना करना पड़ता है. सवाल यह है कि आखिर महिलाओं में इसका खतरा पुरुषों की तुलना में ज्यादा क्यों होता है? इस बारे में जाने-माने यूरोलॉजिस्ट से जान लेते हैं.
दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के वाइस चेयरमैन डॉ. अमरेंद्र पाठक ने News18 को बताया कि महिलाओं का मूत्रमार्ग (urethra) पुरुषों की तुलना में छोटा होता है, जिससे बैक्टीरिया को मूत्राशय तक पहुंचने में कम समय लगता है. गुदा और मूत्रमार्ग का स्थान भी महिलाओं में एक-दूसरे के काफी पास होता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. यही कारण है कि बैक्टीरिया आसानी से मूत्र मार्ग में प्रवेश कर संक्रमण पैदा कर सकते हैं. हार्मोनल बदलाव भी UTI के खतरे को बढ़ाते हैं. गर्भावस्था, पीरियड्स और मेनोपॉज के दौरान शरीर में हार्मोन स्तर में बदलाव होता है, जिससे मूत्र मार्ग की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है. इससे यूरिनरी इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है.
डॉक्टर पाठक ने बताया कि पर्याप्त पानी न पीना, पेशाब को लंबे समय तक रोककर रखना, गंदे टॉयलेट का इस्तेमाल, गलत तरीके से सफाई करना या बहुत टाइट और सिंथेटिक कपड़े पहनने जैसी आदतें भी UTI का खतरा बढ़ा देती हैं. यौन संबंध बनाने के बाद सफाई का ध्यान न रखना भी UTI का एक रिस्क फैक्टर माना जाता है. बार-बार होने वाला UTI इम्यून सिस्टम की कमजोरी, डायबिटीज या कुछ गर्भनिरोधक तरीकों के उपयोग से भी जुड़ा हो सकता है. जिन महिलाओं को पहले UTI हो चुका है, उनमें दोबारा संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है. इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
यूरोलॉजिस्ट ने बताया कि UTI से बचाव किया जा सकता है. इसके लिए सभी लोगों को रोज 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए और पेशाब को रोकना नहीं चाहिए. यूटीआई से बचने के लिए पब्लिक टॉयलेट का यूज करने से बचना चाहिए और अपने टॉयलेट को भी साफ रखना चाहिए. कॉटन के आरामदायक कपड़े पहनना भी फायदेमंद होता है. यौन संबंध बनाने के बाद पेशाब करना और सफाई रखना भी संक्रमण के खतरे को कम करता है. सावधानी से UTI से बचाव संभव है. अगर यूटीआई का शिकार हो जाएं, तो डॉक्टर से मिलकर ट्रीटमेंट कराएं. इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
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