Last Updated:
आखिर क्या वजह है कि अमेरिका की सबसे बड़ी हथियार कंपनी लॉकहीड मार्टिन में इन दिनों खुशी का माहौल है. इसके मालिकान और आला अधिकारी ही नहीं इस कंपनी में पैसा इनवेस्ट करने वालों की बांछें खिली हुई हैं. ईरान युद्ध ने उन्हें बेहिसाब मुनाफा दे दिया है. नए ऑर्डर से उनकी झोलियां भर गई हैं. उनके कारखाने जरूरत से ज्यादा प्रोडक्शन करने में जुट गए हैं.
दुनिया की सबसे बड़ी हथियार कंपनी लॉकहीड मार्टिन का मुख्यालय अमेरिका के मैरीलैंड राज्य में बेथेस्डा शहर में है. वहां इन दिनों खुशी का माहौल है. कंपनी के बड़े अधिकारी खुशियां मना रहे हैं, क्योंकि ईरान युद्ध से सबसे ज्यादा फायदा उन्हीं को हुए हैं. अमेरिकी सरकार धड़ाधड़ हथियार खरीद रही है. मोटे आर्डर मिल चुके हैं. कंपनी में प्रोडक्शन का काम जबरदस्त तेजी से चल रहा है.
लॉकहील मार्टिन का बेथेस्डा स्थित मुख्यालय परिसर करीब 1.5 मिलियन वर्ग फुट (करीब 1,39,354 वर्ग मीटर) में फैला हुआ है. यानि ये किसी छोटे शहर के बराबर है. ये परिसर आधुनिक सुविधाओं, लैब, सिमुलेशन सेंटर और कार्यालयों से सुसज्जित है. कंपनी के पास दुनिया भर में लगभग 120,000 से अधिक कर्मचारी हैं. कंपनी इसलिए खुशी मना रही है, क्योंकि इस युद्ध में अमेरिका ने उसी के हथियारों का इस्तेमाल किया और उसके बड़े आर्डर भी दिए गए हैं.
लाकहीड दुनिया की एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में सबसे बड़ी कंपनी है. कंपनी का सालाना राजस्व लगभग 67 अरब अमेरिकी डॉलर है, जो मुख्य रूप से एयरोस्पेस, रक्षा प्रणालियों और उन्नत तकनीक से आता है. 2021 में इसकी शुद्ध बिक्री 67 अरब डॉलर रही थी, जिसमें चौथी तिमाही में 17.7 अरब डॉलर शामिल थे. यानि दुनिया के कई देशों से ज्यादा बड़ी इसकी अपनी अर्थव्यवस्था है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
लॉकहीड मार्टिन विमान, मिसाइल, उपग्रह और रक्षा प्रणालियां बनाती है. इसका गठन 1995 में लॉकहीड कॉर्पोरेशन और मार्टिन मैरियेटा के विलय से हुआ था. ईरान युद्ध के कारण लॉकहीड मार्टिन जैसी डिफेंस कंपनियों में “खुशी का माहौल” इसलिए है क्योंकि युद्ध से हथियारों की मांग तेजी से बढ़ गई है, जिससे इन कंपनियों के स्टॉक प्राइस में उछाल आया है, नए कॉन्ट्रैक्ट्स मिल रहे हैं और प्रोडक्शन बढ़ाने के ऑर्डर आए हैं. (AI News18 Image)
मार्च 2026 में अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े हमले शुरू किए. इस “Operation Epic Fury” में अमेरिकी सेना कई हथियार इस्तेमाल कर रही है, जिनमें से ज्यादातर लॉकहीड मार्टिन के हैं. युद्ध में इस्तेमाल थाड इंटरसेप्टर उसी ने बनाए हैं, जिसको ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में इस्तेमाल किया जा रहा. हर मिसाइल की कीमत करीब 1-1.5 करोड़ डॉलर. इसकी बहुत डिमांड है. (AI News18 Image)
इसके अलावा लॉकहीड की ही PrSM मिसाइल, F-35 फाइटर जेट्स, HIMARS रॉकेट सिस्टम और ATACMS मिसाइलें हैं, जो युद्ध में इस्तेमाल हो रही हैं. कंपनी ने पहले ही थाड प्रोडक्शन को 4 गुना बढ़ाने का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था. अब युद्ध से और तेजी आई है. युद्ध शुरू होते ही लॉकहीड मार्टिन के शेयर 3-4 फीसदी चढ़े और अब भी चढ़े हुए हैं. (AI News18 Image)
युद्ध के पहले 100 घंटों में ही लॉकहीड कंपनी के अरबों डॉलर के हथियार यूज हो गए. मतलब साफ है कि कंपनी अगर खुशी मना रही है. कंपनी के आला अधिकारियों की बाछें खिली हुई हैं तो उसका मतलब ही है कि बड़े पैमाने पर आर्डर का मतलब है बहुत मोटा फायदा. (wiki commons)
ट्रंप प्रशासन ने मार्च 2026 की शुरुआत में लॉकहीड मार्टिन के अलावा हथियार कंपनी आरटीएक्स (RTX), नार्थोप ग्रुमन के सीईओ से मीटिंग की, जहां प्रोडक्शन तेज करने पर जोर दिया गया. कंपनी का आला प्रबंधन ही नहीं बल्कि शेयरधारक भी खुश हैं. (AI News18 Image)
हालांकि खुशी का ये आलम कुछ और डिफेंस कंपनियों का भी है, जिनके शेयर चढ़ रहे हैं और आर्डर मिल रहे हैं. ऐसी डिफेंस कंपनियों में आरटीएक्स, नार्थोप ग्रुमन का भी है. अगर युद्ध लंबा चला तो ये भर्तियां भी कर सकती हैं. कंपनियां खुश है क्योंकि ऑर्डर और प्रॉफिट बढ़ रहे हैं. आरटीएक्स पैट्रियाट मिसाइल सिस्टम बनाती है तो टोमहॉक क्रूज जैसी हिट क्रूज मिसाइल भी. ग्रुमन भी मिसाइल बनाने के साथ B-2 बॉम्बर से जुड़े सिस्टम, और अन्य हाई-टेक डिफेंस टेक्नोलॉजी बनाता है. (AI News18 Image)
वैसे लॉकहीड मार्टिन कंपनी दुनिया के 50 से ज्यादा देशों को हथियार बेचती है. इस कंपनी का अमेरिकी राजनीति में जबरदस्त लॉबी नेटवर्क है। वो सांसदों और पॉलिसी मेकर्स को डोनेशन और पैरवी के ज़रिए अपने पक्ष में रखते हैं. इस लॉबिंग पर ही वो हजारों करोड़ खर्च कर देते हैं. (AI News18 Image)
.