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Why Sleep is Better in Dark: अंधेरे में लोगों को अच्छी नींद आती है, क्योंकि इस दौरान शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन रिलाज होता है. लाइट जलने पर यह हार्मोन कम हो जाता है, जिससे नींद टूट सकती है. अंधेरे से बायोलॉजिकल…और पढ़ें
अंधेरे में मेलाटोनिन हार्मोन रिलीज होता है, जिससे नींद आने लगती है.अंधेरे में हम मानसिक रूप से भी शांत महसूस करते हैं. जब कमरे में अंधेरा होता है, तो हमारे दिमाग को यह संकेत मिलता है कि अब आराम का समय है और हमें न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी आराम मिलता है. लाइट जलने पर हमारे दिमाग को सक्रिय रहने का संकेत मिलता है, जिससे हमें नींद में रुकावट आती है. यही कारण है कि अगर कमरे में हल्की सी भी लाइट जलती है, तो हमारी नींद टूट सकती है. इसलिए रात में सोते वक्त लोगों को कमरे की लाइट ऑफ कर देनी चाहिए.
आजकल ज्यादातर लोग अपने स्मार्टफोन और कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं. इनमें से अधिकांश डिवाइस में से ब्लू लाइट निकलती है, जो हमारे दिमाग को भ्रमित करता है और मेलाटोनिन के उत्पादन को कम कर देता है. जब हम रात को फोन या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे हमारी नींद पर बुरा असर पड़ता है. ब्लू लाइट के कारण हमें सोने में मुश्किल होती है और हम अक्सर नींद में देरी का सामना करते हैं.
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. …और पढ़ें
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. … और पढ़ें