हेल्थ एक्सपर्ट आराम से खाने की सलाह देते हैं. इस तरह खाने के इस तरीके को माइंडफुल ईटिंग कहा जाता है. अब सवाल है कि आखिर धीरे-धीरे अच्छी तरह से चबाकर भोजन क्यों करना चाहिए? चबा-चबाकर खाने फायदे क्या हैं? माइंडफुल ईटिंग कैसे करें? इस बारे में News18 को बता रही हैं डाइट फॉर डिलाइट क्लीनिक नोएडा की डाइटिशियन खुशबू शर्मा-
एक्सपर्ट के मुताबिक, खाना हमेशा धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए. ऐसा करना न केवल पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होता है, बल्कि यह वजन कंट्रोल करने, पोषक तत्वों का बेहतर अब्जॉर्प्शन और मेंटल हेल्थ को भी सुधारता है. इसके विपरीत, धीरे खाने वाले लोग जल्दी संतुष्ट हो जाते हैं, जिससे मोटापे का खतरा कम होता है.
पाचन क्रिया में सुधार: एक्सपर्ट के मुताबिक, भोजन को अच्छी तरह चबाने से लार में मौजूद एंजाइम्स (जैसे एमाइलेज) खाने के साथ मिलकर उसे पचाने में मदद करते हैं. अगर आप खाने को जल्दी निगल लेते हैं, तो पेट को खाना पचाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे अपच, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. धीरे-धीरे खाने से खाना छोटे टुकड़ों में टूट जाता है और इसमें सलाइवा भी अच्छी तरह मिलता है, जिससे पाचन आसान हो जाता है.
वजन घटाए: जब आप धीरे-धीरे खाते हैं, तो दिमाग को यह सिग्नल मिलने में समय मिलता है कि आपका पेट भर चुका है. जल्दी-जल्दी खाते वक्त हमें पता नहीं चल पाता कि हमारा पेट कब भरा और हमें कितनी कैलोरी की जरूरत है. इसलिए जल्दी-जल्दी खाने वाले लोग ज्यादा कैलोरी ले लेते हैं. वहीं, धीरे खाने वाले लोग जल्दी संतुष्ट हो जाते हैं, जिससे मोटापे का खतरा कम होता.
डायबिटीज कंट्रोल करे: तेजी से खाने वाले लोगों में ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ने का खतरा रहता है, क्योंकि शरीर को इंसुलिन रिलीज करने का समय नहीं मिल पाता. धीरे खाने से ग्लूकोज धीरे-धीरे ब्लड में मिलता है, जिससे डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है.