Causes of Sugar Cravings: कई बार आपने महसूस किया होगा कि अचानक मीठा खाने की इच्छा करने लगती है. कभी चॉकलेट, कभी मिठाई, तो कभी मीठी चाय पीने का खूब मन करता है. ऐसा लगता है कि शरीर खुद ही शुगर की मांग कर रहा है. कई बार लगता है कि ऐसा लोग स्वाद की वजह से करते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यह सेहत से जुड़ा संकेत भी हो सकता है. अगर आपको बार-बार मीठा खाने की इच्छा हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें.
नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि कभी-कभी मीठा खाने का मन करना बिल्कुल सामान्य है. हमारा दिमाग ग्लूकोज को एनर्जी के मुख्य सोर्स के रूप में इस्तेमाल करता है. जब शरीर को इंस्टेंट एनर्जी की जरूरत होती है, तो मीठा खाने की इच्छा बढ़ सकती है. अगर यह इच्छा बहुत बार या कंट्रोल से बाहर हो जाए, तो इसके पीछे कुछ कारण हो सकते हैं. जब आप लंबे समय तक कुछ नहीं खाते या बहुत ज्यादा रिफाइंड कार्ब्स खाते हैं, तो ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता और फिर गिरता है. इस गिरावट के बाद शरीर फिर से शुगर मांगता है, जिससे मीठा खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है.
डाइटिशियन के अनुसार कम नींद लेने से शरीर का एनर्जी बैलेंस बिगड़ जाता है. इससे भूख बढ़ाने वाले हार्मोन एक्टिव हो जाते हैं और मीठा खाने की इच्छा तेज हो जाती है. थकान के समय शरीर इंस्टेंट एनर्जी पाने के लिए शुगर की ओर झुकता है. इसके अलावा स्ट्रेस, एंजायटी या उदासी के समय लोग अक्सर कंफर्ट फूड की ओर जाते हैं, जिसमें मीठा सबसे ऊपर होता है. मीठा खाने से दिमाग में फील-गुड हार्मोन रिलीज होता है, जिससे थोड़ी देर के लिए अच्छा महसूस होता है.
एक्सपर्ट की मानें तो कभी-कभी शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी भी मीठा खाने की इच्छा बढ़ा सकती है. अगर मैग्नीशियम, क्रोमियम, प्रोटीन की कमी है, तब भी क्रेविंग बढ़ जाती है. हालांकि यह सीधा कारण नहीं होता, लेकिन असंतुलित डाइट क्रेविंग्स को बढ़ा सकती है. बार-बार और बहुत ज्यादा मीठा खाने की इच्छा टाइप 2 डायबिटीज, हार्मोनल असंतुलन, अत्यधिक तनाव या एंजायटी का भी संकेत हो सकता है. अगर इसके साथ बार-बार प्यास लगना, थकान या वजन में बदलाव जैसे लक्षण भी हों, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.
डाइटिशियन के अनुसार अगर आपको मीठा खाने की क्रेविंग हो रही है, तो प्रोटीन और फाइबर से भरपूर डाइट लें. लंबे समय तक खाली पेट न रहें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, मीठे के हेल्दी ऑप्शन चुनें और रोज 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लें. मीठा खाने की इच्छा हमेशा खराब नहीं होती, लेकिन अगर यह बार-बार और अनकंट्रोल हो जाए, तो यह शरीर के किसी असंतुलन का संकेत हो सकती है. सही खानपान, अच्छी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है.