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Fertility Problems in Young Adults: आजकल 20-30 के युवा भी इनफर्टिलिटी का शिकार हो रहे हैं. इसकी वजह से यंग कपल्स संतान सुख प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं. डॉक्टर्स की मानें तो अत्यधिक तनाव, खराब लाइफस्टाइल, हार्मोनल समस्या और स्क्रीन टाइम जैसी वजहों से पुरुष और महिलाओं दोनों में संतान पैदा करने की क्षमता घट रही है.
Declining Fertility in Youth Reasons: 20 से 30 साल की उम्र महिला और पुरुषों के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है. इस उम्र में बीमारियों का कहर कम से कम होता है और शरीर काफी हेल्दी होता है. यह उम्र फर्टिलिटी के लिहाज से भी सबसे अच्छी होती है. इस उम्र में बच्चे पैदा करने में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है. हालांकि जमाना तेजी से बदल रहा है और अब 20-30 की उम्र में भी लोगों को इनफर्टिलिटी का सामना करना पड़ रहा है. एक्सपर्ट्स की मानें तो युवाओं में फर्टिलिटी लगातार घटती जा रही है. पहले यह समस्या 35 से 40 की उम्र के बाद देखी जाती थी, लेकिन अब यह युवाओं में भी कॉमन हो गई है.
ग्रेटर नोएडा के Bliss आईवीएफ एंड गाइनी केयर सेंटर की फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. सोनाली गुप्ता ने News18 को बताया कि युवाओं में फर्टिलिटी घटने की सबसे बड़ी वजह लाइफस्टाइल में बदलाव है. देर रात तक जागना, नींद पूरी न होना, जंक फूड का ज्यादा सेवन और शारीरिक गतिविधि की कमी हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ देती है. पुरुषों में इससे स्पर्म काउंट और क्वालिटी प्रभावित होती है, जबकि महिलाओं में ओव्यूलेशन अनियमित हो सकता है. लंबे समय तक ऐसा रुटीन फर्टिलिटी कमजोर कर सकता है. युवाओं को अपनी फर्टिलिटी को बेहतर बनाए रखने के लिए लाइफस्टाइल में सुधार करना पड़ेगा.
डॉक्टर ने बताया कि युवाओं में फर्टिलिटी कम होने की एक बड़ी वजह अत्यधिक मानसिक तनाव है. करियर का दबाव, आर्थिक चिंता और सोशल लाइफ से जुड़ा स्ट्रेस शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाता है, जो सीधे प्रजनन हार्मोन को प्रभावित करता है. ज्यादा तनाव से महिलाओं में पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर गिर सकता है, जिससे प्रेग्नेंसी में परेशानी आती है. इसके अलावा हार्मोनल समस्याएं भी फर्टिलिटी को बर्बाद कर सकती हैं. महिलाओं में पीसीओएस, थायराइड और एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याएं कम उम्र में ही सामने आ रही हैं, जो फर्टिलिटी को प्रभावित करती हैं. वहीं पुरुषों में थायराइड, डायबिटीज और हार्मोनल असंतुलन से स्पर्म क्वालिटी कम हो रही है. समय पर जांच न होने से समस्या बढ़ती चली जाती है.
एक्सपर्ट की मानें तो मोबाइल और लैपटॉप का अत्यधिक उपयोग भी फर्टिलिटी पर नेगेटिव असर डाल रहा है. लंबे समय तक लैपटॉप गोद में रखकर काम करना, मोबाइल को लगातार पॉकेट में रखना और देर रात तक स्क्रीन देखने से पुरुषों में स्पर्म क्वालिटी पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा महिलाओं में भी स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी नींद और हार्मोन पर प्रभाव डालती है. डॉक्टर सलाह देते हैं कि युवाओं को समय रहते अपनी लाइफस्टाइल सुधारनी चाहिए. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव को कंट्रोल करना बेहद जरूरी है. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें और अगर लंबे समय से गर्भधारण में परेशानी हो रही है या पीरियड्स अनियमित हैं, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लें. सही समय पर उठाया गया कदम फर्टिलिटी बचाने में अहम भूमिका निभाता है.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें