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Gut Health and Brain: आंत और दिमाग़ के बीच लगातार संवाद होता रहता है, जिसे Gut-Brain Axis कहा जाता है. यह एक तरह का दो-तरफा संचार तंत्र है जो नसों और हार्मोनल सिग्नल्स के जरिए चलता है. यही कारण है कि जब आपका पे…और पढ़ें
शरीर में बनने वाले 90% सेरोटोनिन यानी हैप्पी हार्मोन का निर्माण आंत में ही होता है. Gut Health and Mind Wellness: क्या आप जानते हैं कि हमारा पेट सिर्फ खाना पचाने का काम नहीं करता, बल्कि दिमाग से भी गहरा कनेक्शन रखता है? जी हां, गट को अक्सर ‘सेकंड ब्रेन’ कहा जाता है क्योंकि हमारी खुशियां, मूड और दिमाग की शार्पनेस सब कुछ कहीं न कहीं आंत की हेल्थ पर ही टिका होता है. अगर गट हेल्दी है तो दिमाग भी पॉजिटिव और एक्टिव रहेगा, लेकिन जैसे ही पेट की सेहत बिगड़ती है, स्ट्रेस, एंग्ज़ायटी और ब्रेन फॉग जैसी दिक्कतें घेर लेती हैं. दरअसल, वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि शरीर में बनने वाले 90% सेरोटोनिन यानी हैप्पी हार्मोन का निर्माण आंत में ही होता है.
यही वजह है कि जब हमारी आंत असंतुलित हो जाती है, तो इसका असर सीधे हमारे मूड, मानसिक संतुलन और सोचने-समझने की क्षमता पर दिखाई देता है.
क्यों कहा जाता है आंत को दूसरा ब्रेन?
आंत और दिमाग़ के बीच लगातार संवाद होता रहता है, जिसे Gut-Brain Axis कहा जाता है. यह एक तरह का दो-तरफा संचार तंत्र है जो नसों और हार्मोनल सिग्नल्स के जरिए चलता है. यही कारण है कि जब आपका पेट खराब होता है, तो मूड भी बिगड़ जाता है, और जब तनाव ज़्यादा होता है, तो आंत भी तुरंत प्रतिक्रिया देती है.
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