ज्यादा गुस्सा सेहत के लिए रेड फ्लैग क्यों ? जानें एंगर को कंट्रोल करने का आयुर्वेदिक तरीका

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Gussa Control Kaise kare : गुस्सा एक नेचुरल इमोशन है, हर किसी को कभी न कभी ऐसा महसूस होता है. लेकिन यदि आप गुस्से में अपना आपा खो बैठते हैं, तो ये आपकी सेहत को बिगाड़ सकता है. आयुर्वेद में एंगर कंट्रोल करने के कई गहरी सांस लेने, ठंडा पानी पीने जैसे कई आसान उपायों को बताया गया है.

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Gussa Control Karne ka Upay: एक व्यक्ति अपने जीवन में कई सारे इमोशन से गुजरता है, उन्हें महसूस करता है. खुशी, प्यार, नफरत जैसे इमोशन के साथ इसमें गुस्सा भी शामिल है. लेकिन आज के समय में गुस्सा दूसरी भावनाओ के मुकाबले में ज्यादा लोगों में देखने के लिए मिलता है. हर किसी का गुस्सा जाहिर करने का तरीका अलग होता है. कोई चिल्लाकर तो कोई मन ही मन बड़-बड़ाकर गुस्सा निकालने की कोशिश करता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक पल का गुस्सा हमारे शरीर को कितनी बुरी तरह प्रभावित करता है.

लंबे समय तक गुस्सा मन को तो बीमार बनाता ही है साथ ही इससे आपका शरीर भी अवस्थ महसूस करने लगता है. मेडिकल और आयुर्वेद दोनों का ही मानना है कि एंगर न सिर्फ रिश्तों को बिगाड़ता है, बल्कि इसके साथ ही हार्मोन, हृदय, पाचन और मस्तिष्क तक पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है.

लोगों में बढ़ रहा गुस्सा
आज की जीवनशैली की वजह से भी गुस्से की आवृति बढ़ गई है. अत्याधिक काम का दबाव, नींद की कमी और चिड़चिड़ापन गुस्से का कारण बन रहे हैं. भले ही गुस्सा आना स्वभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इसे नियंत्रित करना भी जरूरी है. आज हम आपको क्रोध प्रबंधन के आसान उपाय बताएंगे और साथ ही यह भी जानेंगे कि शरीर पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है.

गुस्सा आने पर शरीर में क्या होता है
जब किसी को भी गुस्सा आता है, तो शरीर में तेजी से हार्मोन असंतुलित होने लगते हैं. तनाव को बढ़ाने वाले एड्रेनालिन और कोर्टिसोल एक्टिवेट हो जाते हैं और दिल की धड़कन भी तेजी से बढ़ने लगती है. तनाव की वजह से रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है और पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है, और यही कारण है कि गुस्से में अक्सर लोगों की खाने की इच्छा खत्म हो जाती है. बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती गुस्सा आने पर मस्तिष्क का निर्णय लेने वाला भाग कमजोर हो जाता है और कम सक्रिय तरीके से काम करता है. रिसर्च बताती है कि बार-बार गुस्सा करने वालों में हाई बीपी, हार्ट डिजीज, माइग्रेन, एसिडिटी और नींद की समस्या अधिक पाई जाती है.

एंगर को कंट्रोल करने का नेचुरल तरीका
जब भी गुस्सा आए तो सबसे पहले गहरी और धीरे-धीरे सांस लें और बाहर की तरफ छोड़ें. कोशिश करें कि किसी खुली जगह में जाकर सांस लेने की कोशिश करें और हाथों को बाहर की तरफ झटके. यह शरीर से तनाव और गुस्से के असर को कम करता है. विज्ञान में माना गया है कि किसी भी बात पर गुस्सा जाहिर करने से पहले खुद को 90 सेकेंड के लिए रोक लें. इससे गुस्सा धीरे-धीरे कम हो जाता है और फिर हम चीजों को बेहतर समझ पाते हैं.

इसके साथ ठंडा पानी पीने और आंखों को ठंडे पानी से धोने से राहत मिलती है. ठंडा पानी पीने से पित्त शांत होता है और तनाव भी कम महसूस होता है. आयुर्वेद में गुस्से को पित्त से जोड़कर देखा गया है. आयुर्वेद में क्रोध नियंत्रण के लिए पित्तशामक आहार के सेवन की सलाह दी जाती है. इसके लिए आहार में नारियल पानी, सौंफ, धनिया, घी, खीरा, और आंवला शामिल करें.

About the Author

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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