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तुलसी का पौधा भारतीय घरों में सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि आस्था और पवित्रका का प्रतीक होता है. लेकिन कई बार सही देखभाल नहीं होने की वजह से तुलसी का पौधा सूखने लगता है। या पत्तियां मुरझाकर काली पड़ने लगती हैं, जबक…और पढ़ें

1. अधिक या कम पानी देना
तुलसी का पौधा ज्यादा पानी सहन नहीं करता, लेकिन पानी की कमी भी उसे कमजोर कर देती है.
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गलती: ज़्यादा पानी देना जिससे जड़ें सड़ने लगती हैं.
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बचाव: तुलसी के मिट्टी को हमेशा हल्का गीला रखें, लेकिन पानी जमा न होने दें. पौधे के आसपास पानी न रुके.
2. धूप की कमी या ज्यादा धूप
3. गलत मिट्टी का इस्तेमाल
तुलसी को ऐसी मिट्टी चाहिए जो जल निकासी अच्छी करे. भारी मिट्टी या गीली मिट्टी पौधे को नुकसान पहुंचाती है.
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गलती: चिकनी या ज़्यादा गीली मिट्टी में पौधा लगाना.
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बचाव: हल्की, रेत और खाद मिलाकर अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में तुलसी लगाएं.
4. नमी की कमी या अधिक नमी
5. कीट और बीमारियाँ
पत्ती पर माइट्स, कीड़े या फफूंद लगने से भी तुलसी कमजोर हो जाता है.
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गलती: समय-समय पर पौधे की जांच न करना.
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बचाव: कीट लगने पर नीम का तेल या घरेलू कीटनाशक स्प्रे करें। संक्रमित पत्तियां हटा दें.
6. पौधे का सही समय पर छंटाई न करना
कैसे बचाएं तुलसी को सूखने से?
तुलसी का पौधा सूखने के पीछे सबसे बड़ी वजह होती है सही देखभाल का अभाव. यदि आप ऊपर बताई गई गलतियों से बचेंगे और सही तरीकों से तुलसी की देखभाल करेंगे, तो आपका तुलसी का पौधा लंबे समय तक स्वस्थ और हरा-भरा रहेगा. इसे अपने घर में भगवान की कृपा और सेहत का वरदान समझकर प्यार से रखें.
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