कॉल करते समय स्क्रीन क्यों बंद हो जाती है? 90% लोग नहीं जानते सही वजह, ये खराबी नहीं

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कई लोगों को लगता है कि स्मार्टफोन की स्क्रीन अपने आप बंद होना किसी खराबी का संकेत है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह फोन का एक स्मार्ट फीचर होता है. Screen Timeout और Proximity Sensor बैटरी बचाने और कॉल के दौरान गलत टच से बचाने के लिए बनाए गए हैं. जानिए मोबाइल स्क्रीन अपने आप ऑफ क्यों होती है, इसे कैसे कंट्रोल करें और कब यह समस्या बन सकती है….

आज के स्मार्टफोन में स्क्रीन का खुद-ब-खुद बंद होना एक आम एक्सपीरिएंस है. कई यूजर्स को लगता है कि यह कोई खराबी है, लेकिन ज्यादातर मामलों में ये फोन की डिजाइन का हिस्सा होता है. मुख्य रूप से दो कारणों से स्क्रीन ऑटोमैटिकली ऑफ हो जाती है: स्क्रीन टाइमआउट फीचर और प्रॉक्सिमिटी सेंसर. ये दोनों फीचर्स बैटरी बचाने और यूजर एक्सपीरियंस बेहतर बनाने के लिए बनाए गए हैं.

सबसे पहले बात करते हैं स्क्रीन टाइमआउट (Screen Timeout) की. यह एक बिल्ट-इन सेटिंग है जो लगभग हर एंड्रॉइड और iOS फोन में मौजूद होती है. जब आप स्क्रीन पर कुछ सेकंड या मिनट तक कोई टच या इंटरैक्शन नहीं करते, तो स्क्रीन अपने आप बंद (ऑफ) हो जाती है.

इसका मकसद बैटरी की बचत करना है. स्क्रीन मोबाइल की सबसे ज्यादा पावर खाने वाली चीज होती है. अगर स्क्रीन हमेशा ऑन रहे, तो बैटरी कुछ ही घंटों में खत्म हो सकती है. इसलिए फोन मैन्युफैक्चरर्स डिफॉल्ट रूप से टाइमआउट 15 सेकंड, 30 सेकंड या 1 मिनट रखते हैं.

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अगर आपको लगता है कि स्क्रीन बहुत जल्दी बंद हो रही है, तो आप इसे आसानी से बदल सकते हैं. सेटिंग्स में जाकर Display या Screen & Brightness सेक्शन में Screen Timeout या Sleep ऑप्शन चुनें और समय बढ़ा लें- जैसे 2 मिनट, 5 मिनट या 10 मिनट तक.

कुछ फोन में पावर सेविंग मोड ऑन होने पर यह समय ऑटोमैटिकली कम हो जाता है, जिससे स्क्रीन जल्दी ऑफ होती है. इस फीचर से न सिर्फ बैटरी लंबी चलती है, बल्कि फोन गर्म होने की समस्या भी कम होती है.

दूसरा प्रमुख कारण है प्रॉक्सिमिटी सेंसर (Proximity Sensor). ये छोटा-सा सेंसर फोन के ऊपरी हिस्से में (फ्रंट कैमरे और स्पीकर के पास) होता है. जब आप फोन से कॉल कर रहे होते हैं और फोन को कान से लगाते हैं, तो यह सेंसर आपके चेहरे या कान की निकटता को डिटेक्ट कर लेता है. इसके बाद स्क्रीन तुरंत बंद हो जाती है.

इससे दो फायदे होते हैं: पहला, गलती से कान या गाल से कोई बटन दबने (जैसे म्यूट, होल्ड या डिस्कनेक्ट) का खतरा नहीं रहता. दूसरा, कॉल के दौरान स्क्रीन ऑफ रहने से बैटरी की काफी बचत होती है. कॉल खत्म होने पर या फोन दूर करने पर स्क्रीन वापस ऑन हो जाती है.

कभी-कभी प्रॉक्सिमिटी सेंसर गंदगी, स्क्रीन प्रोटेक्टर या केस से ढक जाने पर गड़बड़ करता है, जिससे स्क्रीन अनावश्यक रूप से बंद-खुल होती रहती है. ऐसे में सेंसर को हल्के से साफ करना या केस हटाकर चेक करना मदद करता है.

मोबाइल की स्क्रीन खुद-ब-खुद बंद होना कोई समस्या नहीं, बल्कि एक स्मार्ट फीचर है. यह बैटरी लाइफ बढ़ाता है, अनचाहे टच से बचाता है और फोन को सुरक्षित रखता है. अगर टाइमआउट बढ़ाने या सेंसर चेक करने के बाद भी समस्या बनी रहे, तो ओवरहीटिंग, बैटरी इश्यू या सॉफ्टवेयर ग्लिच हो सकता है- तब सर्विस सेंटर दिखाना बेहतर होता है. लेकिन 90% मामलों में ये दो फीचर्स ही जिम्मेदार होते हैं. समझदारी से इन सेटिंग्स का इस्तेमाल करें, तो फोन लंबे समय तक बेहतर चलेगा.

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