कुछ लोगों के एड़ी की हड्डी क्यों बढ़ जाती है? क्या होती है यह बीमारी, कैसे मिलेगा छुटकारा

Heel Spur Treatment: कई लोगों की शिकायत होती है कि जब वे वॉक करते हैं, तब उनकी एड़ी में दर्द होने लगता है. एड़ी में होने वाला तेज दर्द कई बार चलने-फिरने में परेशानी पैदा कर देता है. कभी-कभार यह दर्द होना नॉर्मल है, लेकिन अगर समस्या बढ़ती जाए, तो इसकी वजह हील स्पर (Heel Spur) नामक मेडिकल कंडीशन हो सकती है. इस परेशानी में एड़ी की हड्डी निचले हिस्से से बाहर की ओर निकल आती है. यह वृद्धि उस स्थान पर होती है, जहां एड़ी की हड्डी प्लांटर फेशिया (Plantar Fascia) नामक लिगामेंट से जुड़ती है. हैरान करने वाली बात यह है कि 15% लोग इस समस्या से प्रभावित होते हैं, लेकिन अधिकतर लोगों को इसका पता डॉक्टर के पास जाने के बाद ही चलता है. लंबे समय तक पैरों पर तनाव पड़ने से यह समस्या हो सकती है.

वेब एमडी की रिपोर्ट के मुताबिक अक्सर लोग हील स्पर और प्लांटर फेशियाइटिस को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन ये दोनों अलग-अलग स्थितियां हैं. प्लांटर फेशियाइटिस तब होता है, जब तलवे के लिगामेंट में खिंचाव या सूजन आ जाती है, जिससे एड़ी में चुभने वाला दर्द महसूस होता है. जब यह सूजन और तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो शरीर उस हिस्से की रक्षा करने के लिए वहां अतिरिक्त हड्डी बनाना शुरू कर देता है, जिसे हम हील स्पर कहते हैं. हील स्पर वास्तव में शरीर की एक प्रतिक्रिया है, जो प्लांटर फेशियाइटिस के कारण पैदा हुए तनाव के जवाब में होती है.

हील स्पर डेवलप होने का मुख्य कारण पैरों के लिगामेंट्स और टेंडन्स पर पड़ने वाला लगातार दबाव है. अगर आप दौड़ते या जॉगिंग करते हैं, तो सख्त सतह पर पैर पटकने से एड़ी की हड्डी की झिल्ली फट सकती है, जिससे हड्डी का उभार शुरू हो जाता है. इसके अलावा चलने के तरीके में गड़बड़ी, अधिक वजन होना और उम्र का बढ़ना भी इसके जोखिम को बढ़ाते हैं. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, पैरों के नीचे का प्राकृतिक फैट पैड पतला होने लगता है और लिगामेंट्स का लचीलापन कम हो जाता है, जिससे हील स्पर की संभावना बढ़ जाती है.

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हैरानी की बात यह है कि हील स्पर अपने आप में हमेशा दर्दनाक नहीं होता. अधिकांश लोग इस हड्डी के उभार के साथ बिना किसी दर्द के रहते हैं. जब दर्द होता है, तो वह प्लांटर फेशियाइटिस जैसा ही महसूस होता है. जैसे सुबह सोकर उठने पर एड़ी में तेज सुई जैसी चुभन होना. जैसे-जैसे आप थोड़ा चलते हैं, दर्द कम हो जाता है, लेकिन लंबे समय तक बैठने के बाद फिर से उभर आता है. डॉक्टर आमतौर पर शारीरिक परीक्षण के बाद एक्स-रे की सलाह देते हैं, जिससे हड्डी की इस वृद्धि का पता लगाया जा सकता है.

हील स्पर का ट्रीटमेंट उन लक्षणों को ठीक करने पर केंद्रित होता है, जो दर्द का कारण बनते हैं. डॉक्टर अक्सर एड़ी को आराम देने, बर्फ की सिकाई करने और सूजन कम करने वाली दवाओं की सलाह देते हैं. जूते में आर्च सपोर्ट या कुशन वाले इंसर्ट्स का उपयोग करना बहुत प्रभावी होता है, क्योंकि ये प्लांटर फेशिया पर पड़ने वाले दबाव को कम करते हैं. फिजियोथेरेपी और विशेष स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज भी दर्द से राहत दिलाने में मदद करती हैं. सर्जरी के माध्यम से हील स्पर को हटाया जा सकता है, लेकिन डॉक्टर इसे केवल तभी सुझाव देते हैं जब अन्य सभी गैर-सर्जिकल तरीके विफल हो जाएं.

हील स्पर से बचाव के लिए जूते के चुनाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए. सख्त फर्श पर नंगे पैर चलने के बजाय चप्पल या सैंडल पहनें और दौड़ने के लिए घास या सॉफ्ट ट्रैक का चुनाव करें. वजन को नियंत्रित रखना पैरों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने का सबसे स्थायी तरीका है. अगरआपको चलने के दौरान या व्यायाम के बाद एड़ी में दर्द महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत अपनी गतिविधियों को धीमा कर दें. एक बार बनने के बाद हील स्पर स्थायी हो जाता है, लेकिन सही देखभाल से आप बिना परेशानी के अपना जीवन जी सकते हैं.

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